
लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसे देश की परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसी अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने में अहम भूमिका निभाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। पेपर लीक की घटनाओं से मेहनती अभ्यर्थियों को नुकसान होता है और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा प्रभावित होता है। ऐसे में सख्त कानूनी प्रावधान जरूरी हैं।
उन्होंने सदन में कहा कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। एंटी-पेपर लीक बिल के जरिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
बिल पर चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने परीक्षा सुधार, तकनीक के इस्तेमाल और भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने से जुड़े सुझाव भी रखे। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से छात्रों और अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत होगा।
परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर यह विधेयक युवाओं और शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



