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दत्तात्रेय होसबाले बोले- ज्ञान, कौशल और संस्कार का समन्वय ही शिक्षा की असली पहचान
Computer Jagat 24
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August 1, 2026

मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में Dattatreya Hosabale ने शिक्षा के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि ज्ञान, कौशल और संस्कार—इन तीनों का समन्वय ही वास्तविक शिक्षा है। उनके अनुसार, शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व और सामाजिक जिम्मेदारी का भी विकास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ज्ञान व्यक्ति को समझ और विवेक प्रदान करता है, कौशल उसे अपनी क्षमताओं को व्यवहार में उतारने योग्य बनाता है, जबकि संस्कार उसे समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें:
- 📚 शिक्षा के समग्र स्वरूप पर जोर।
- 🛠️ कौशल विकास को बताया आवश्यक।
- 🌱 संस्कारों को व्यक्तित्व निर्माण का आधार बताया।
- 👥 युवाओं के सर्वांगीण विकास पर दिया बल।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऐसी शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है, जो युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों से भी जोड़ सके।
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