भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, दोनों पक्ष रखेंगे दलील

मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई महत्वपूर्ण मोड़ पर है। इस मामले में हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्ष अदालत के सामने अपनी-अपनी दलीलें रख रहे हैं। विवादित परिसर के धार्मिक स्वरूप को लेकर लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मई 2026 में अपने फैसले में भोजशाला परिसर को हिंदू मंदिर के रूप में मान्यता दी थी। हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मुस्लिम पक्ष की याचिका में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हाई कोर्ट के फैसले पर तत्काल रोक लगाने से इनकार किया है। साथ ही अदालत ने विवाद को आगे सुनने पर सहमति जताई है। मुस्लिम पक्ष की ओर से परिसर में नमाज की अनुमति से जुड़े मुद्दे भी अदालत के सामने उठाए गए हैं।
विवादित परिसर को लेकर हिंदू पक्ष इसे देवी सरस्वती को समर्पित भोजशाला मंदिर और प्राचीन संस्कृत शिक्षण केंद्र से जोड़ता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद से संबंधित बताता है। मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट और ऐतिहासिक साक्ष्य भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।
अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजर है। अदालत के सामने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। यह मामला धार्मिक पहचान के साथ-साथ ऐतिहासिक और कानूनी पहलुओं से भी जुड़ा हुआ है।



