US में 3 बच्चों की हत्या का मामला, मां ने पहले मांगी थी मदद

अमेरिका में तीन बच्चों की हत्या के आरोपी लिंडसे क्लैंसी के मामले की सुनवाई इन दिनों चर्चा में है। कोर्ट में उसकी हत्या से पहले की मानसिक स्थिति, इलाज और डॉक्टरों की भूमिका पर विस्तार से गवाही हो रही है। बचाव पक्ष का कहना है कि क्लैंसी गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रही थी और उसने मदद लेने की कोशिश भी की थी।
सुनवाई के दौरान मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और उपचार से जुड़े चिकित्साकर्मियों की गवाही अहम बन गई है। एक मनोचिकित्सक ने बताया कि क्लैंसी के इलाज के दौरान उन्हें उसके पूरे मेडिकल रिकॉर्ड की जानकारी उपलब्ध नहीं थी। इस बात को बचाव पक्ष ने इलाज की प्रक्रिया और डॉक्टरों के बीच समन्वय पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल किया।
क्लैंसी के बचाव पक्ष का तर्क है कि वह पोस्टपार्टम साइकोसिस और बाइपोलर डिसऑर्डर जैसी मानसिक समस्याओं से प्रभावित थी। वहीं, अभियोजन पक्ष का कहना है कि वह अपने किए के लिए आपराधिक रूप से जिम्मेदार थी। अदालत में मानसिक बीमारी और आपराधिक जिम्मेदारी के बीच संबंध इस मुकदमे का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।
गवाही में यह भी सामने आया कि क्लैंसी ने नींद की समस्या, चिंता, अवसाद और परेशान करने वाले विचारों की शिकायत की थी। उपचार के दौरान उसकी दवाओं में कई बदलाव किए गए थे। हालांकि, इलाज करने वाली नर्स प्रैक्टिशनर ने कहा कि उन्हें क्लैंसी में मनोविकृति के स्पष्ट संकेत दिखाई नहीं दिए थे।
मामले में डॉक्टरों की गवाही इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बचाव पक्ष यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि क्लैंसी की मानसिक स्थिति लगातार बिगड़ रही थी और उसे पर्याप्त या समन्वित उपचार नहीं मिला। अभियोजन पक्ष इन दलीलों को चुनौती दे रहा है। ट्रायल में आगे आने वाली विशेषज्ञ गवाहियां यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं कि घटना के समय उसकी मानसिक स्थिति को कानूनी तौर पर किस तरह देखा जाए।



