Indus Water Treaty: सिंधु जल समझौते पर शहबाज शरीफ की भारत को चेतावनी

सिंधु जल समझौते को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि सिंधु नदी के पानी की “हर बूंद” पाकिस्तान के लिए रेड लाइन है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन इसे उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।
शहबाज शरीफ ने यह बयान पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से पहले इस्लामाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया। उन्होंने भारत पर सिंधु जल समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और कहा कि अगर पाकिस्तान के पानी को खतरा हुआ तो उसका सीधा जवाब दिया जाएगा।
भारत ने क्यों रोका सिंधु जल समझौता?
22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 23 अप्रैल 2025 को सिंधु जल समझौते को स्थगित रखने का फैसला किया था। भारत का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में यह समझौता अपने पुराने स्वरूप में जारी नहीं रह सकता। नई दिल्ली ने पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद के समर्थन को विश्वसनीय और स्थायी रूप से समाप्त करने की मांग की है।
1960 में हुआ था समझौता
Indus Waters Treaty (IWT) पर भारत और पाकिस्तान ने 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत पूर्वी नदियां—रावी, ब्यास और सतलुज—भारत के लिए और पश्चिमी नदियां—सिंधु, झेलम और चिनाब—मुख्य रूप से पाकिस्तान के लिए निर्धारित की गई थीं।
इस समझौते को दोनों देशों के बीच लंबे समय तक पानी के बंटवारे का महत्वपूर्ण ढांचा माना जाता रहा है। लेकिन पहलगाम हमले के बाद भारत के फैसले ने इसे भारत-पाकिस्तान संबंधों में एक प्रमुख विवाद बना दिया है।
भारत का रुख क्या है?
भारत लगातार कहता रहा है कि सिंधु जल समझौते को स्थगित रखने का फैसला सीमा पार आतंकवाद के संदर्भ में लिया गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के समर्थन को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय तरीके से समाप्त नहीं करता, तब तक समझौता स्थगित रहेगा।
उमर अब्दुल्ला ने भी दिया जवाब
शहबाज शरीफ की टिप्पणी पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से कश्मीर के लोगों के हितैषी होने का दावा करता है, लेकिन पानी के मामले में उसका रुख अलग दिखाई देता है। अब्दुल्ला ने कहा कि सिंधु जल समझौते के कारण जम्मू-कश्मीर अपने जल संसाधनों का पूरी तरह उपयोग नहीं कर पाया।
आगे क्या होगा?
शहबाज शरीफ की ताजा चेतावनी से साफ है कि सिंधु जल समझौता भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का बड़ा मुद्दा बना हुआ है। पाकिस्तान पानी को अपनी सुरक्षा और अस्तित्व से जोड़कर देख रहा है, जबकि भारत इसे आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीतिक प्रतिक्रिया के हिस्से के तौर पर देखता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच जल विवाद आने वाले समय में भी बेहद संवेदनशील बना रह सकता है।



