अफगानिस्तान के बदख्शां में धमाका, तालिबान के मेयर की मौत

अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत में तालिबान के एक और वरिष्ठ अधिकारी की हत्या से सुरक्षा स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रांतीय राजधानी फैजाबाद में गुरुवार देर रात एक वाहन में हुए विस्फोट में शहर के तालिबान नियुक्त मेयर हबीब उर रहमान मंसूर की मौत हो गई। अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय ने भी उनकी मौत की पुष्टि की है।
वाहन में हुआ जोरदार धमाका
अधिकारियों के अनुसार, मंसूर जिस वाहन में सवार थे, उसी में विस्फोट हुआ। घटना के कारणों और हमले के पीछे किसका हाथ था, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। किसी संगठन ने भी तत्काल इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।
स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि विस्फोट फैजाबाद के नगरपालिका क्षेत्र के पास हुआ। नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट (NRF) ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दो हफ्ते में दूसरा बड़ा हमला
यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि करीब दो सप्ताह पहले बदख्शां के सूचना एवं संस्कृति निदेशक जाबिहुल्लाह अमीरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह एक स्थानीय जिले से फैजाबाद की ओर जा रहे थे, तभी दो बंदूकधारियों ने उन पर हमला किया था।
इस तरह कम समय में दो वरिष्ठ तालिबान अधिकारियों को निशाना बनाए जाने से बदख्शां में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
तालिबान की सत्ता की पांचवीं वर्षगांठ से पहले हमला
मंसूर की हत्या ऐसे समय हुई है जब तालिबान 15 अगस्त 2021 को सत्ता में वापसी की पांचवीं वर्षगांठ मनाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी और नाटो सेनाओं की वापसी के बाद तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया था।
बदख्शां में हाल के दिनों में केवल लक्षित हमलों की घटनाएं ही नहीं, बल्कि तालिबान और विरोधी लड़ाकों के बीच संघर्ष की खबरें भी सामने आई हैं। इससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
हमले के पीछे कौन?
फिलहाल हमले के मकसद और जिम्मेदार संगठन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इसे किसी खास संगठन की कार्रवाई बताना जल्दबाजी होगी। हालांकि, बदख्शां में सक्रिय तालिबान विरोधी गुटों और हालिया हिंसा के कारण सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह घटना गंभीर चुनौती मानी जा रही है।
बदख्शां में वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार निशाना बनाए जाने से यह सवाल भी उठ रहा है कि तालिबान के नियंत्रण वाले इलाकों में उसके प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा कितनी मजबूत है। आने वाले दिनों में जांच और किसी संगठन की ओर से जिम्मेदारी लेने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।



