राज्यसभा के 10 सांसदों को नई जिम्मेदारी, AIIMS समेत कई संस्थानों के बोर्ड में मिली जगह

राज्यसभा के कई सांसदों को अब देश के महत्वपूर्ण वैधानिक निकायों और संस्थानों के बोर्ड में काम करने की जिम्मेदारी मिली है। इनमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी AIIMS के अलग-अलग संस्थान भी शामिल हैं। राज्यसभा में संबंधित पदों के लिए जितने उम्मीदवार थे, उतनी ही सीटें उपलब्ध थीं, इसलिए सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।
AIIMS में इन सांसदों को मिली जिम्मेदारी
AIIMS से जुड़ी जिम्मेदारियों में राज्यसभा के सात सांसद शामिल हैं। सूची इस प्रकार है:
| सांसद | जिम्मेदारी |
|---|---|
| गुलाम अली | AIIMS अवंतिपोरा |
| अशोक कुमार मित्तल | AIIMS बठिंडा |
| राजनेश कुमार अग्रवाल | AIIMS भोपाल |
| बीरेंद्र प्रसाद वैश्य | AIIMS गुवाहाटी |
| सत पाल शर्मा | AIIMS विजयपुर |
| आईएस इनबादुरई | AIIMS मदुरै |
| मदन राठौड़ | AIIMS जोधपुर |
इन सांसदों को संबंधित AIIMS की संस्थागत व्यवस्था में प्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी मिली है।
अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में भी नियुक्ति
AIIMS के अलावा राज्यसभा सांसदों को कई अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में भी जगह मिली है। लहर सिंह सिरोया को केंद्रीय सिल्क बोर्ड का सदस्य चुना गया है।
वहीं सिकंदर कुमार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट की परिषद का सदस्य बनाया गया है। रेखा शर्मा को नेशनल असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एंड सरोगेसी बोर्ड की जिम्मेदारी मिली है।
निर्विरोध हुआ चुनाव
इन नियुक्तियों की खास बात यह रही कि संबंधित पदों के लिए उम्मीदवारों और रिक्त सीटों की संख्या समान थी। इसलिए मतदान की जरूरत नहीं पड़ी और सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।
संसदीय समितियों में भी नए सदस्य
राज्यसभा से जुड़े कुछ सांसदों को संसदीय समितियों में भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। सुखेंदु शेखर रे और तिरुचि शिवा को लोक लेखा समिति (PAC) का सदस्य चुना गया है, जबकि मोहम्मद नदीमुल हक को लोक उपक्रम समिति (COPU) में जगह मिली है।
क्यों महत्वपूर्ण हैं ये जिम्मेदारियां?
वैधानिक निकायों और AIIMS जैसे संस्थानों में सांसदों की भागीदारी संसद और संबंधित संस्थानों के बीच निगरानी तथा प्रतिनिधित्व की महत्वपूर्ण कड़ी होती है। AIIMS जैसे चिकित्सा संस्थानों में बोर्ड स्तर की जिम्मेदारियां प्रशासन, संस्थागत विकास और नीतिगत विषयों से जुड़ी होती हैं।
वहीं सिल्क बोर्ड, खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान और सरोगेसी बोर्ड जैसे निकाय अलग-अलग क्षेत्रों में नीति और संस्थागत कामकाज से जुड़े हैं।
कुल मिलाकर, राज्यसभा के 10 सांसदों को नई जिम्मेदारियां मिलने से AIIMS समेत कई महत्वपूर्ण वैधानिक संस्थानों और संसदीय समितियों में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ा है। सभी संबंधित चुनाव निर्विरोध होने के कारण यह प्रक्रिया बिना मतदान के पूरी हुई।



