
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों के सोशल मीडिया प्रदर्शन को लेकर रिपोर्ट कार्ड तैयार कराने की पहल की है। इसमें मंत्रियों की डिजिटल सक्रियता, पोस्ट और सोशल मीडिया पर लोगों तक उनकी पहुंच जैसे पहलुओं का आकलन किया जा रहा है। इससे साफ है कि सरकार के लिए सोशल मीडिया अब सिर्फ प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि जनता और खासकर युवाओं से संवाद का अहम जरिया बन चुका है।
रिपोर्ट कार्ड में अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मंत्रियों की गतिविधियों को देखा गया है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कौन से मंत्री डिजिटल माध्यमों पर ज्यादा सक्रिय हैं और किसकी पोस्ट को जनता के बीच अधिक प्रतिक्रिया या पहुंच मिल रही है। इससे मंत्रियों को अपनी डिजिटल रणनीति बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
इससे पहले NDA सांसदों को भी उनके सोशल मीडिया प्रदर्शन से जुड़ी रिपोर्ट दी गई थी। उस रिपोर्ट में पिछले 90 दिनों के दौरान X, Facebook और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर पोस्ट, इंप्रेशन और कमेंट से जुड़े आंकड़े शामिल किए गए थे। सांसदों को सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से जुड़ाव बढ़ाने की सलाह भी दी गई थी।
सोशल मीडिया पर मजबूत मौजूदगी आज राजनीतिक संचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। नेता अपनी योजनाओं, कार्यक्रमों और सरकार के फैसलों की जानकारी सीधे जनता तक पहुंचा सकते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया रिपोर्ट कार्ड के जरिए प्रदर्शन की समीक्षा करना डिजिटल कम्युनिकेशन को और प्रभावी बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर लोकप्रियता को केवल फॉलोअर्स की संख्या से नहीं मापा जा सकता। पोस्ट की पहुंच, लोगों की प्रतिक्रिया, विषय की प्रासंगिकता और जनता के साथ वास्तविक संवाद भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में आने वाले समय में मंत्रियों की डिजिटल सक्रियता और उसके प्रभाव पर ज्यादा ध्यान दिए जाने की संभावना है।



