
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 31वीं दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करने जा रहे हैं। बैठक तमिलनाडु के कोवलम में होगी, जिसमें दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह परिषद राज्यों के बीच सहयोग और लंबित अंतरराज्यीय मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने का मंच है।
बैठक में तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के साथ पुडुचेरी के प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। राज्यों के मुख्य सचिव, गृह सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल होकर विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।
सबसे अहम मुद्दों में अंतरराज्यीय जल विवाद शामिल हो सकते हैं। खास तौर पर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच कावेरी जल बंटवारे का मुद्दा बैठक में चर्चा का केंद्र बन सकता है। इसके अलावा मेकदातु बांध से जुड़े विवाद पर भी दोनों राज्यों के बीच मतभेदों को लेकर चर्चा की संभावना है।
बैठक में आर्थिक विकास, औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे के विस्तार जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन से जुड़े विषय भी क्षेत्रीय सहयोग के एजेंडे में शामिल हो सकते हैं।
आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था भी बैठक के महत्वपूर्ण विषय रहेंगे। अपराध रोकने, सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और अंतरराज्यीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की जा सकती है। साथ ही पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन की समीक्षा भी होने की संभावना है।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक 2022 के बाद आयोजित हो रही है। ऐसे में केंद्र और दक्षिणी राज्यों के बीच समन्वय, लंबित विवादों के समाधान और साझा विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए यह बैठक अहम मंच साबित हो सकती है।



