
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण से जुड़े अधिकारियों और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने हाईवे प्रोजेक्ट्स में गुणवत्ता और टेंडर प्रक्रिया को लेकर चिंता जाहिर की और अधिकारियों से अधिक जिम्मेदारी के साथ काम करने को कहा।
गडकरी ने अपने संबोधन में NHAI अधिकारियों और ठेकेदारों को ‘खिलाड़ी’ बताते हुए टेंडर प्रक्रिया में होने वाली संभावित अनियमितताओं पर सवाल खड़े किए। उनका जोर इस बात पर रहा कि सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। हाईवे जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में खराब गुणवत्ता का सीधा असर यात्रियों की सुरक्षा, परियोजना की लागत और उसकी उम्र पर पड़ सकता है। इसलिए निर्माण से जुड़े हर स्तर पर निगरानी जरूरी है।
टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठाए गए सवाल इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में बड़ी रकम और कई निजी कंपनियां शामिल होती हैं। ऐसे में अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की नियमित समीक्षा से गड़बड़ियों की संभावना कम की जा सकती है।
गडकरी के बयान से यह संकेत मिलता है कि सड़क परिवहन मंत्रालय हाईवे परियोजनाओं की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली को लेकर सख्ती बढ़ाना चाहता है। आने वाले समय में टेंडर प्रक्रिया, निर्माण गुणवत्ता और ठेकेदारों की जवाबदेही पर और ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।



