लखनऊ की हवा की सेहत जांचने पहुंची NEERI टीम

लखनऊ की हवा की गुणवत्ता और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (NEERI) की टीम शहर पहुंची है। यह निरीक्षण स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत वायु गुणवत्ता और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मानकों का आकलन करने के लिए किया जा रहा है। टीम ने लालबाग स्थित स्मार्ट सिटी परियोजना कार्यालय में अधिकारियों से जानकारी जुटाई।
NEERI की टीम शहर के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण करेगी। इस दौरान सड़कों की स्थिति, धूल-मिट्टी, निर्माण कार्य और सड़क किनारे पड़े मलबे जैसे बिंदुओं की जांच की जाएगी। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयास जमीन पर कितने प्रभावी हैं।
निरीक्षण में कूड़ा प्रबंधन को भी महत्वपूर्ण बिंदु माना गया है। शहर में रोजाना बड़ी मात्रा में कूड़ा निकलता है और उसके उचित निस्तारण का सीधा असर स्वच्छता तथा वायु गुणवत्ता पर पड़ता है। सड़क किनारे कूड़े के ढेर और उड़ती धूल को भी टीम अपनी जांच में शामिल करेगी।
सड़कों के निर्माण और पैचवर्क की स्थिति का भी आकलन किया जाएगा। कई इलाकों में सड़कें खराब होने या निर्माण सामग्री व मलबा पड़े रहने से धूल की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में NEERI की टीम जमीनी स्थिति का निरीक्षण कर प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की प्रभावशीलता का आकलन करेगी।
फिलहाल उपलब्ध रीयल-टाइम आंकड़ों में लखनऊ का AQI मध्यम से खराब श्रेणी के आसपास दर्ज हो रहा है, हालांकि अलग-अलग मॉनिटरिंग सेवाओं में आंकड़े अलग हो सकते हैं।
NEERI की जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसके निष्कर्षों से शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। निरीक्षण के बाद सामने आने वाले आकलन से प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में आगे की रणनीति तय करने में मदद मिल सकती है।
जांच में प्रमुख बिंदु:
- शहर की वायु गुणवत्ता और प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था
- सड़कों पर धूल-मिट्टी की स्थिति
- निर्माण कार्य और मलबे का प्रबंधन
- सड़क सफाई और कूड़ा निस्तारण
- प्रदूषण कम करने के लिए किए गए स्थानीय उपाय
- स्वच्छ सर्वेक्षण से जुड़े मानकों की स्थिति



