यूपी में महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत, बदला मातृत्व अवकाश नियम

उत्तर प्रदेश की महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब दूसरे मातृत्व अवकाश के लिए पहले अवकाश के बाद दो साल का अंतर अनिवार्य नहीं होगा। सरकार ने वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियम 153(1) में संशोधन को मंजूरी दी है।
इस फैसले से उन महिला कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिनकी दूसरी गर्भावस्था पहले मातृत्व अवकाश के दो साल के भीतर होती है। पहले वित्तीय हस्तपुस्तिका में मौजूद प्रावधान के आधार पर ऐसे मामलों में अवकाश को लेकर परेशानी सामने आती थी।
मातृत्व अवकाश के अधिकार को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के हालिया फैसलों के बाद यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार द्वारा अपनाए गए मातृत्व लाभ कानून के प्रावधान वित्तीय हस्तपुस्तिका में मौजूद विपरीत कार्यकारी निर्देशों पर प्रभावी होंगे।
नए बदलाव के तहत महिला राज्य कर्मचारियों को सेवा अवधि में 180 दिन का मातृत्व अवकाश दो बार लेने की सुविधा रहेगी और दोनों अवकाशों के बीच पहले जैसी दो साल की अनिवार्य अवधि नहीं रहेगी। दत्तक माताओं के लिए भी 180 दिन के अवकाश से जुड़ा प्रावधान मंजूर किया गया है।
सरकार के इस फैसले को कामकाजी महिलाओं के मातृत्व अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे महिला कर्मचारियों को परिवार और नौकरी के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।



