सरहद पार कर भारत पहुंचीं 150 पाकिस्तानी दुल्हनें, रचाई शादी

भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और सीमा बंद होने के बावजूद रिश्तों की डोर नहीं टूटी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद वाघा-अटारी सीमा से आवाजाही बंद होने के कारण कई पाकिस्तानी महिलाओं की भारत में होने वाली शादियां अटक गई थीं। लंबे इंतजार के बाद करीब 150 पाकिस्तानी दुल्हनें वैकल्पिक हवाई मार्गों के जरिए भारत पहुंचीं और अपने भारतीय मंगेतरों से विवाह किया।
इन दुल्हनों ने सीधे पाकिस्तान से भारत आने के बजाय मस्कट, कोलंबो, दुबई, ढाका और कतर जैसे देशों के रास्ते ट्रांजिट उड़ानों का सहारा लिया। अप्रैल से जून 2026 के बीच करीब 150 दुल्हनें और लगभग 450 रिश्तेदार इस तरह भारत पहुंचे। नागपुर, जोधपुर, अहमदाबाद, रायपुर, पुणे और भोपाल जैसे शहरों में कई शादियां हुईं।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के गृह मंत्रालय की विशेष अनुमति और सिंध के श्रद्धास्थल शदानी दरबार की पहल से इन यात्राओं का रास्ता आसान हुआ। पाकिस्तानी रिश्तेदारों को भी दुल्हन के साथ आने की अनुमति मिली, हालांकि उन्हें तय अवधि के भीतर वापस लौटना था।
कई जोड़ों की शादी पहले ही तय हो चुकी थी, लेकिन सीमा बंद होने के कारण विवाह कार्यक्रम टल गए थे। कुछ दुल्हनें महीनों के इंतजार के बाद भारत पहुंचीं और यहां विवाह की रस्म पूरी की। इन घटनाओं ने भारत-पाक तनाव के बीच मानवीय रिश्तों और पारिवारिक संबंधों की अलग तस्वीर सामने रखी है।
हालांकि अभी भी करीब 300 पाकिस्तानी युवतियों के भारत आकर शादी करने का इंतजार किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में इन परिवारों की नजर भविष्य में दोनों देशों के बीच यात्रा और वीजा संबंधी परिस्थितियों में संभावित बदलाव पर है।



