बारिश से निर्माण सामग्री की मांग 20% घटी, बालू महंगी तो मौरंग के दाम हुए कम

बारिश के मौसम में निर्माण कार्य प्रभावित होने के कारण लखनऊ के बाजार में भवन निर्माण सामग्री की बिक्री कम हुई है। कारोबारियों के अनुसार मांग में करीब 20 प्रतिशत की कमी आई है। इसका असर मौरंग, बालू समेत अलग-अलग निर्माण सामग्रियों की कीमतों पर अलग-अलग तरीके से पड़ा है।
निर्माण सामग्री की मांग में 20% गिरावट
लगातार बारिश और खराब मौसम के चलते नए निर्माण कार्यों की रफ्तार धीमी हुई है। जिन लोगों ने मकान या अन्य निर्माण शुरू करने की योजना बनाई थी, उनमें से कई ने काम कुछ समय के लिए टाल दिया है। इससे निर्माण सामग्री की बिक्री पर असर पड़ा और मांग करीब 20 प्रतिशत कम हो गई।
बालू हुई महंगी
मांग घटने के बावजूद बालू के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक बालू की कीमत में करीब 22 रुपये प्रति घन फीट तक का स्तर सामने आया है। बारिश और आपूर्ति से जुड़े कारणों ने इसके बाजार भाव को प्रभावित किया है।
मौरंग के दाम में राहत
दूसरी ओर मौरंग की कीमतों में गिरावट आई है। बाजार में मौरंग का भाव करीब 300 से 360 रुपये प्रति घन फीट के दायरे में बताया गया है। यानी बारिश के कारण निर्माण सामग्री की मांग भले कम हुई हो, लेकिन मौरंग खरीदने वालों को कुछ राहत मिली है।
बारिश का निर्माण कारोबार पर दोहरा असर
बारिश के दौरान एक तरफ निर्माण कार्य रुकने से मांग घटती है, वहीं दूसरी तरफ खनन, परिवहन और आपूर्ति प्रभावित होने से किसी-किसी सामग्री के दाम बढ़ सकते हैं। यही वजह है कि एक ही समय में मांग कम होने के बावजूद बालू महंगी और मौरंग सस्ती हो सकती है।
मकान बनवाने वालों के लिए क्या मायने?
अगर निर्माण कार्य टालना संभव है तो मौसम सामान्य होने तक इंतजार करने से लागत और सामग्री की उपलब्धता की तुलना करने का अवसर मिल सकता है। वहीं जिन लोगों का निर्माण जरूरी है, उन्हें अलग-अलग विक्रेताओं से ताजा दर लेकर ही बड़ी मात्रा में सामग्री खरीदनी चाहिए।
निष्कर्ष: लखनऊ के निर्माण सामग्री बाजार में बारिश का असर स्पष्ट है। मांग करीब 20% घटने के बावजूद कीमतों में एक जैसा रुझान नहीं है—बालू महंगी हुई है, जबकि मौरंग के दाम घटे हैं। मौसम और आपूर्ति की स्थिति सामान्य होने के साथ आने वाले दिनों में बाजार की दिशा बदल सकती है।



