नेपाल बाढ़ पर CM योगी गंभीर, यूपी सीमा के जिलों में बढ़ाई सतर्कता

नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश में भी प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में हुई प्राकृतिक आपदा पर चिंता जताते हुए यूपी के सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर महराजगंज और कुशीनगर में संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है।
नेपाल में भोटेकोशी नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी से कई इलाकों में भारी तबाही हुई है। बाढ़ के कारण सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है।
नेपाल में आई बाढ़ का असर भारत की ओर बहने वाली नदियों पर भी पड़ सकता है। यूपी के पूर्वी हिस्से में गंडक और नारायणी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है।
मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखी जाएं। निचले इलाकों और नदी किनारे बसे क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के साथ राहत एवं बचाव व्यवस्था को भी सक्रिय रखने पर जोर दिया गया है।
महराजगंज और कुशीनगर जैसे नेपाल सीमा से सटे जिलों में प्रशासन जलस्तर और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। कुशीनगर में संभावित नारायणी नदी के उफान को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित हो सकने वाले गांवों का निरीक्षण और राहत-बचाव की तैयारियां तेज की हैं।
सरकार की प्राथमिकता संभावित बाढ़ से जान-माल के नुकसान को रोकना है। प्रशासन को स्थानीय स्तर पर लोगों को सतर्क करने, जरूरी संसाधन तैयार रखने और किसी भी आपात स्थिति में तेजी से राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल की आपदा के बीच यूपी सरकार की सतर्कता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सीमावर्ती क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर में अचानक बदलाव से बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की लगातार निगरानी और समय पर कार्रवाई से संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
कुल मिलाकर, नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद CM योगी ने यूपी सीमा पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। महराजगंज और कुशीनगर समेत सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।



