
निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी निवेशकों को भारत में दीर्घकालिक निवेश के अवसरों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़ा बाजार, कुशल प्रतिभा, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और लगातार आगे बढ़ता सुधार तंत्र है, जो वैश्विक कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।
वित्त मंत्री ने निवेशकों से भारत को केवल एक बड़े बाजार के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर उत्पादन और नवाचार के केंद्र के तौर पर देखने की अपील की। उन्होंने ‘मैन्यूफैक्चर इन इंडिया-फॉर इंडिया एंड फॉर द वर्ल्ड’ के विजन पर जोर दिया।
सीतारमण ने AI और डिजिटल तकनीक से लेकर सेमीकंडक्टर, डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल सर्विसेज तक कई क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं गिनाईं। उनका कहना था कि भारत की निवेश क्षमता किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि कई क्षेत्रों की मजबूती मिलकर इसे आकर्षक बनाती है।
उन्होंने भारत की घरेलू मांग, निवेश आधारित विकास, मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता और तेजी से विस्तार करते डिजिटल व भौतिक बुनियादी ढांचे को देश की प्रमुख ताकतों में शामिल बताया। इन खूबियों के आधार पर उन्होंने अमेरिकी कंपनियों को भारत में अपनी मैन्यूफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी गतिविधियां बढ़ाने का निमंत्रण दिया।
सीतारमण का अमेरिका दौरा विदेशी निवेश आकर्षित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। वह अमेरिका और कनाडा के दौरे के दौरान निवेशकों और बड़ी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर भारत में पूंजी, तकनीक और कारोबार के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा कर रही हैं।
भारत को वैश्विक उत्पादन, इनोवेशन और सेवाओं के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में सरकार विदेशी निवेश को महत्वपूर्ण मान रही है। सीतारमण का अमेरिकी निवेशकों को दिया गया संदेश इसी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें भारत में निवेश के साथ दुनिया के लिए भारत से निर्माण करने पर जोर दिया गया है।



