
उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए धामी सरकार लगातार नई पहल कर रही है। सरकार की खेल नीति और खेल सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपने हुनर को निखारने के लिए बेहतर मंच मिल रहा है।
राज्य में आधुनिक खेल सुविधाओं, स्टेडियम और प्रशिक्षण केंद्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तराखंड के खेल विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में स्टेडियम और बहुउद्देशीय क्रीड़ा सुविधाएं विकसित की गई हैं।
सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। इसके लिए खेल छात्रावास, प्रशिक्षण शिविर, छात्रवृत्ति और खेलकिट जैसी योजनाओं के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उत्तराखंड को स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने की दिशा में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की पहल को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे प्रदेश के युवाओं को खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और उच्च स्तर की खेल सुविधाओं के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। हाल ही में क्रीड़ा विश्वविद्यालय के लिए 43.50 करोड़ रुपये की घोषणा भी की गई।
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां भी विभिन्न खेलों और साहसिक गतिविधियों के लिए अनुकूल हैं। सरकार इन क्षमताओं का उपयोग कर प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने पर जोर दे रही है।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के सम्मान और पुरस्कार की भी व्यवस्था है। इससे युवा प्रतिभाओं में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ाने में मदद मिल रही है।
धामी सरकार की कोशिश है कि उत्तराखंड में खेल केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रहें, बल्कि युवाओं के लिए करियर का मजबूत विकल्प भी बनें। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के जरिए राज्य को देश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।



