यूपी में महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत, मैटरनिटी लीव नियम बदले

उत्तर प्रदेश में महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने मैटरनिटी लीव से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए दो प्रसूति अवकाश के बीच दो साल के अंतर की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है।
नए फैसले के बाद पात्र महिला सरकारी कर्मचारी को दूसरी संतान के लिए मातृत्व अवकाश लेने से पहले पिछली मैटरनिटी लीव खत्म होने के बाद दो साल पूरे होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह निर्णय महिला कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।
सरकार के फैसले के अनुसार महिला सरकारी कर्मचारियों को सेवा अवधि में निर्धारित नियमों के तहत 180 दिन का मैटरनिटी लीव मिल सकेगा। यह सुविधा दो बार तक दिए जाने के प्रावधान से जुड़ी है।
मैटरनिटी लीव के नियमों में बदलाव का फैसला ऐसे समय आया है, जब इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने भी कहा था कि पहली प्रसूति के दो साल के भीतर दूसरी बार मातृत्व अवकाश लेने पर वैधानिक रोक नहीं है।
सरकार के इस फैसले से उन महिला कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके बीच दूसरी संतान का अंतर दो साल से कम है। अब केवल दो साल की समय-सीमा पूरी न होने के आधार पर मैटरनिटी लीव से वंचित नहीं किया जाएगा।
योगी सरकार का यह कदम महिला कर्मचारियों के मातृत्व अधिकारों और कार्यस्थल पर सुविधाओं को लेकर अहम माना जा रहा है। नए नियमों के लागू होने के बाद पात्र महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश लेने में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलेगी।



