चीन में माओ की किताबों का बढ़ा क्रेज, Gen Z में लोकप्रिय

चीन में करीब पांच दशक बाद माओत्से तुंग के विचारों और उनकी किताबों को लेकर युवाओं के बीच एक बार फिर दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दे रही है। खास तौर पर Gen Z पीढ़ी और शहरी प्रोफेशनल्स के बीच माओ की रचनाओं को पढ़ने का चलन चर्चा में है।
आर्थिक दबाव, रोजगार से जुड़ी चिंताओं और बदलते सामाजिक माहौल के बीच कुछ युवा माओ के लेखन को मौजूदा परिस्थितियों को समझने के एक माध्यम के तौर पर देख रहे हैं। सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भी माओ की किताबों और उनके विचारों पर चर्चा बढ़ रही है।
माओत्से तुंग की रचनाएं चीन के राजनीतिक इतिहास और कम्युनिस्ट विचारधारा से गहराई से जुड़ी रही हैं। ऐसे में नई पीढ़ी के बीच इन किताबों की वापसी को चीन में बदलते सामाजिक और आर्थिक माहौल के संदर्भ में देखा जा रहा है।
हालांकि, माओ के विचारों को लेकर चीन में ऐतिहासिक और राजनीतिक बहस लंबे समय से मौजूद रही है। युवाओं के बीच उनकी किताबों की बढ़ती लोकप्रियता इस बात का संकेत मानी जा रही है कि आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के दौर में नई पीढ़ी पुराने राजनीतिक विचारों और साहित्य की ओर भी रुख कर रही है।



