रेलवे ने लॉन्च किया ‘टोटल’ पोर्टल, 67 हजार कर्मचारियों को लाभ

उत्तर मध्य रेलवे ने कर्मचारियों के यात्रा भत्ता (TA) और समयोपरी (OT) से जुड़े दावों को डिजिटल बनाने के लिए ‘टोटल’ यानी TA & OT Online Claim Portal लॉन्च किया है। 22 सितंबर 2026 को महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने इसका औपचारिक उद्घाटन किया।
वेब आधारित इस पोर्टल के जरिए कर्मचारी मासिक जर्नल ऑनलाइन जमा कर सकेंगे और अपने क्लेम का स्टेटस भी लाइव ट्रैक कर पाएंगे। पहले चरण में TA क्लेम की सुविधा उपलब्ध होगी, जबकि अगले चरण में OT क्लेम को भी जोड़ा जाएगा। पोर्टल पूरी तरह लागू होने के बाद उत्तर मध्य रेलवे के 67 हजार से अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल होगा कर्मचारियों के क्लेम का पूरा प्रोसेस
‘टोटल’ पोर्टल का उद्देश्य कर्मचारियों के भत्ता दावों की प्रक्रिया को पेपरलेस और ऑनलाइन बनाना है। कर्मचारी अब अपने मासिक जर्नल डिजिटल माध्यम से जमा कर सकेंगे। इससे क्लेम प्रक्रिया में मैनुअल काम कम होगा और कर्मचारियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत भी घट सकती है।
OTP से होगा कर्मचारी का सत्यापन
पोर्टल पर सुरक्षा के लिए HRMS में दर्ज मोबाइल नंबर पर भेजे जाने वाले OTP के माध्यम से सत्यापन की सुविधा दी गई है। कर्मचारी अपने दावे की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे और प्रक्रिया में हुए अपडेट की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
सिस्टम खुद करेगा भत्ते की गणना
रेलवे के अनुसार, भारतीय रेलवे स्थापना कोड के अध्याय XVI के नियमों के आधार पर भत्तों की गणना सिस्टम के माध्यम से स्वचालित रूप से की जाएगी। इससे मैनुअल कैलकुलेशन की आवश्यकता कम होगी और मानवीय गणना संबंधी गलतियों की संभावना घटेगी।
अधिकारियों को मिलेगी ऑडिट और रिपोर्टिंग सुविधा
‘टोटल’ पोर्टल में अधिकारियों के लिए वर्कफ्लो मैनेजमेंट, रिपोर्टिंग और ऑडिट ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। इससे क्लेम की प्रक्रिया की निगरानी और लंबित मामलों को ट्रैक करना आसान होगा।
पहले TA, बाद में OT क्लेम
पोर्टल के पहले चरण में यात्रा भत्ता यानी TA के दावों को शामिल किया गया है। इसके बाद समयोपरी यानी OT क्लेम की सुविधा जोड़ी जाएगी। रेलवे के मुताबिक, पोर्टल को अगले 20 से 25 दिनों में पूरी तरह लागू करने की योजना है।
67 हजार से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
पूरी तरह लागू होने के बाद उत्तर मध्य रेलवे के 67 हजार से अधिक कर्मचारियों को इस डिजिटल व्यवस्था का सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे का कहना है कि इससे कर्मचारियों के दावों के निपटारे में पारदर्शिता और समयबद्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।



