Delhi-Aizawl Flight: डॉक्टरों ने बचाई यात्री की जान

यात्री किडनी की बीमारी और डायलिसिस से जुड़े मेडिकल चेकअप के लिए यात्रा कर रहा था। उड़ान के दौरान उसे सांस लेने में परेशानी हुई और ऑक्सीजन स्तर तेजी से गिरने लगा। केबिन क्रू ने मेडिकल सहायता के लिए घोषणा की, जिसके बाद जनरल सर्जन डॉ. विली लालह्रुइटलुंगा, पीडियाट्रिशियन डॉ. एफ रेमथांगपुई और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. बेंजामिन खियांगटे ने उसकी मदद शुरू की।
डॉक्टरों ने यात्री को ऑक्सीजन मास्क लगाया, लेकिन शुरुआत में ऑक्सीजन सैचुरेशन करीब 60 प्रतिशत ही रहा। इसके बाद उपचार जारी रखते हुए स्टेरॉयड दिए गए, जिससे ऑक्सीजन स्तर बढ़कर करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच गया।
मरीज की हालत में सुधार नहीं होने पर पायलट कोलकाता में आपातकालीन लैंडिंग के लिए तैयार था। हालांकि, कुछ समय के लिए मरीज की स्थिति स्थिर होने के बाद विमान को आइजोल की ओर आगे बढ़ाया गया। बाद में मरीज की हालत फिर बिगड़ी और इंट्यूबेशन की जरूरत महसूस हुई।
लेंगपुई एयरपोर्ट पर उतरने के बाद मरीज को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने इंट्यूबेशन कर आगे का इलाज जारी रखा और आइजोल में ICU बेड की व्यवस्था की। मरीज को LRM अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बाद में उसका इंट्यूबेशन हटाया गया और डायलिसिस किया गया। ताजा जानकारी के मुताबिक उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
इस घटना में विमान में मौजूद डॉक्टरों की त्वरित प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण रही। हजारों फीट की ऊंचाई पर अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी के दौरान उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच यात्री को तत्काल चिकित्सा सहायता दी और विमान के सुरक्षित लैंडिंग तक उसकी स्थिति संभालने में मदद की।



