Cornell Protest: Jane Doe के समर्थन में छात्रों की रैली

‘जेन डो’ के नाम से पहचानी जा रही पूर्व कॉर्नेल छात्रा ने आरोप लगाया है कि अक्टूबर 2024 में Chi Phi फ्रेटरनिटी हाउस में उसके साथ कई लोगों ने यौन हिंसा की। उसने हाल में दायर मुकदमे में सात पूर्व फ्रेटरनिटी सदस्यों, यूनिवर्सिटी और अन्य पक्षों को प्रतिवादी बनाया है। आरोपों में शामिल लोगों ने गलत काम से इनकार किया है।
कॉर्नेल के छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों ने प्रशासन से मामले की स्वतंत्र जांच कराने, यौन हिंसा के मामलों में न्यूनतम सजा के समान मानक तय करने और कैंपस पुलिस को बेहतर प्रशिक्षण देने की मांग की। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय को यौन हिंसा से जुड़े मामलों में पीड़ितों की सुरक्षा और सहायता को प्राथमिकता देनी चाहिए।
मामले को लेकर न्यूयॉर्क में भी जांच आगे बढ़ी है। गवर्नर कैथी होकुल ने राज्य की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स को विशेष अभियोजक नियुक्त किया है, ताकि मामले की आपराधिक जांच आगे बढ़ाई जा सके।
कॉर्नेल यूनिवर्सिटी ने मामले को गंभीर बताते हुए अपनी प्रतिक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा कराने की बात कही है। यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष माइकल कोटलिकॉफ ने कहा है कि संस्थान को इस मामले से सीखने और अपनी नीतियों व प्रक्रियाओं को मजबूत करने की जरूरत है।
इस पूरे मामले ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों में यौन हिंसा, फ्रेटरनिटी संस्कृति, पीड़ितों की सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, मामले में आपराधिक आरोपों और अदालत में दोष सिद्ध होने से पहले सभी आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।



