गोवा में भी दिखेगा योगी मॉडल का प्रभाव, आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज से मिले गोवा के मुख्यमंत्री, लिया आशीर्वाद

गोवा/लखनऊ, 15 अक्टूबर। गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य जी महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान सीएम ने महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए आध्यात्मिक पर्यटन, भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार, पर्यावरण संरक्षण तथा पर्यटन को नई दिशा देने जैसे विषयों पर चर्चा की। बातचीत में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के विकास मॉडल को गोवा में अपनाने, अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों की तर्ज पर मंदिरों के निर्माण और यूपी से आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित करने जैसे विषय शामिल रहे।
आध्यात्मिक पर्यटन से जुड़ेगा देश का युवा, भारतीयता का मिलेगा अनुभव
चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि गोवा आने वाले देशभर के युवाओं को केवल मनोरंजन और समुद्र तटों तक सीमित न रखते हुए उन्हें आध्यात्मिक पर्यटन से भी जोड़ा जाए। गोवा देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटन के साथ भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और धार्मिक विरासत का अनुभव उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
उद्देश्य यह है कि गोवा आने वाले पर्यटक भारतीयता की महक और देश की सांस्कृतिक विविधता को भी करीब से महसूस कर सकें। आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से पर्यटन के दायरे का विस्तार होने के साथ ही भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है। मुलाकात के दौरान गोवा में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के विकास मॉडल को अपनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
अयोध्या, काशी और मथुरा की तर्ज पर हो मंदिर का निर्माण
जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य जी महाराज ने कहा कि गोवा में उत्तर प्रदेश की तर्ज पर धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन से जुड़े स्थलों के विकास पर भी चर्चा हुई। अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक केंद्रों की पहचान और उनके विकास से प्रेरणा लेते हुए गोवा में भी चार मंदिरों के निर्माण पर विचार किया गया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश से गोवा पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए विशेष व्यवस्था विकसित करने के विषय पर भी चर्चा की गई।



