UP में 294 केंद्रों पर छात्र संवाद करेगा भाजयुमो, लोकतंत्र बनाम अराजकता पर चर्चा

उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने युवाओं के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाने की तैयारी की है। इसके तहत प्रदेश के 294 शैक्षणिक केंद्रों पर ‘लोकतंत्र बनाम अराजकता’ विषय पर छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से भाजपा युवाओं के बीच लोकतंत्र, संवैधानिक व्यवस्था और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखने की योजना बना रही है।
छह क्षेत्रों में आयोजित होंगे कार्यक्रम
भाजयुमो की योजना के अनुसार, प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में अलग-अलग संख्या में छात्र संवाद आयोजित किए जाएंगे। पश्चिम और ब्रज क्षेत्र में 57-57 केंद्रों पर कार्यक्रम होंगे। कानपुर क्षेत्र में 51, काशी क्षेत्र में 48, अवध क्षेत्र में 45 और गोरखपुर क्षेत्र में 38 केंद्रों पर संवाद आयोजित किया जाएगा। युवा मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्षों को इन कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इमरजेंसी और 1984 के दंगों का भी उठेगा मुद्दा
इन छात्र संवाद कार्यक्रमों में वर्ष 1975 में लागू की गई इमरजेंसी और 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों का उल्लेख किए जाने की योजना है। भाजपा का उद्देश्य इन ऐतिहासिक घटनाओं के जरिए कांग्रेस की तत्कालीन भूमिका पर सवाल उठाना और युवाओं के बीच अपना पक्ष रखना है। यह पार्टी की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
SIR और वोट चोरी के आरोपों पर भी फोकस
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों द्वारा लगाए जा रहे कथित वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं के आरोप भी भाजपा की रणनीति के केंद्र में हैं। भाजपा इन आरोपों का जवाब देने और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष युवाओं तक पहुंचाना चाहती है। इससे पहले भाजयुमो ने देशव्यापी युवा संपर्क कार्यक्रम भी शुरू किया था, जो 30 नवंबर तक चलने की घोषणा की गई है।
UGC और आरक्षण जैसे मुद्दों पर भी संवाद
छात्रों के बीच UGC और आरक्षण जैसे विषयों पर सामने आई नाराजगी को दूर करने की भी कोशिश की जाएगी। कार्यक्रमों में युवाओं को अपनी बात रखने और सवाल पूछने का अवसर देने की योजना है। भाजपा का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में सीधे संवाद के जरिए युवा वर्ग के मुद्दों और विचारों को समझने के साथ संगठन की बात भी उन तक पहुंचाई जा सकती है।
युवाओं के बीच राजनीतिक संवाद बढ़ाने की रणनीति
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा के अनुसार, कार्यक्रमों के संचालन के लिए क्षेत्रीय स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं। पार्टी इन आयोजनों के जरिए कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले युवाओं से संपर्क बढ़ाना चाहती है। इस पहल को भाजपा की व्यापक राजनीतिक और जनसंपर्क रणनीति के एक हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।



