UP कांग्रेस संगठन में दीपावली के बाद बदलाव, सक्रिय कार्यकर्ताओं को मिलेगी जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। दीपावली के बाद पार्टी प्रदेश संगठन में एक और बड़ा फेरबदल कर सकती है। इसके तहत निष्क्रिय जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों को हटाकर उन कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी है, जो संगठनात्मक गतिविधियों में लगातार सक्रिय रहे हैं। पार्टी का लक्ष्य सभी जिलों में संगठन को मजबूत करना और चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर अपनी मौजूदगी बढ़ाना है।
दिल्ली रैली के चलते टल गया था बदलाव
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया पिछले करीब तीन सप्ताह से रोक रखी थी। इसकी वजह दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली की तैयारियां थीं। अब रैली संपन्न होने के बाद पार्टी इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। प्रदेश में तैनात सह प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में संगठन की स्थिति और पदाधिकारियों की सक्रियता को लेकर रिपोर्ट मांगी गई थी। यह रिपोर्ट जल्द ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सौंपी जाएगी।
निष्क्रिय जिलाध्यक्षों को हटाने की तैयारी
कांग्रेस नेतृत्व की नजर खासतौर पर उन जिलों पर है, जहां संगठनात्मक गतिविधियां अपेक्षा के अनुरूप नहीं हुई हैं। पार्टी ने वोट ‘बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के दौरान जिला स्तर पर हुए कार्यक्रमों को भी समीक्षा का आधार बनाया है। बताया जा रहा है कि कुछ जिलों में अभियान के तहत केवल औपचारिकता पूरी की गई, जबकि कुछ जगहों पर चौपाल तक आयोजित नहीं हुई। ऐसे जिलों के पदाधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।
आराधना मिश्रा मोना और इमरान मसूद के बाद अगला कदम
कांग्रेस ने अक्टूबर में उत्तर प्रदेश संगठन में अहम बदलाव करते हुए आराधना मिश्रा मोना को प्रदेश अध्यक्ष और सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था। इसके बाद से ही संगठन के दूसरे स्तरों पर भी फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब पार्टी जिला और शहर स्तर पर संगठन को सक्रिय बनाने के लिए नए चेहरों को मौका देने की तैयारी कर रही है।
सह प्रभारियों की रिपोर्ट बनेगी बदलाव का आधार
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय की ओर से सह प्रभारियों से उनके निर्धारित क्षेत्रों में संगठन की गतिविधियों और पदाधिकारियों के कामकाज का आकलन मांगा गया है। रिपोर्ट में अभियान की प्रगति और कार्यकर्ताओं की सक्रियता जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है। इसी रिपोर्ट के आधार पर नए पदाधिकारियों के चयन और मौजूदा जिम्मेदारियों में बदलाव पर निर्णय लिया जा सकता है।
2027 के चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की चुनौती
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के सामने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जिला, शहर और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की चुनौती है। पार्टी नेतृत्व सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाकर संगठनात्मक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश कर रहा है। दीपावली के बाद होने वाले संभावित बदलावों से यह स्पष्ट होगा कि किन जिलों में नए चेहरों को जिम्मेदारी मिलती है और किन पदाधिकारियों को संगठन से हटाया जाता है।



