दीपावली पर यूपी-112 रहेगी अलर्ट, संवेदनशील इलाकों में तैनात होंगी PRV गाड़ियां

दीपावली के दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यूपी-112 मुख्यालय ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीजी बिनोद कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिछले वर्षों में हुई घटनाओं और त्योहारों के दौरान आयोजित कार्यक्रमों का विश्लेषण कर संवेदनशील स्थानों और हॉटस्पॉट को चिह्नित किया जाए। इसके आधार पर थाना क्षेत्रवार पुलिस वाहनों की तैनाती की जाएगी।
5 नवंबर तक भेजना होगा नया रूट चार्ट
बैठक में सभी जिलों को अपने-अपने क्षेत्रों का संशोधित रूट चार्ट तैयार कर 5 नवंबर 2026 तक यूपी-112 मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील मार्गों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना तथा आपात स्थिति में कम से कम समय में सहायता पहुंचाना है।
सभी PRV वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
डीजी ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की कमी या तकनीकी खराबी के कारण कोई भी पीआरवी वाहन निष्क्रिय नहीं रहना चाहिए। सभी जिलों में वाहनों की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन कॉल पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंच सके।
संचार और निगरानी व्यवस्था भी होगी मजबूत
यूपी-112 के संचार तंत्र को प्रभावी बनाए रखने के लिए आरओआईपी पर तैनात कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा आपातकालीन सूचनाओं की निगरानी, पीआरवी कर्मियों की नियमित ब्रीफिंग और वाहनों की जांच पर भी जोर दिया गया।
संशोधित SOP का सख्ती से होगा पालन
बैठक में 16 अक्टूबर 2026 को जारी संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का कड़ाई से पालन कराने को कहा गया। डीजी ने सभी जिलों के नोडल अधिकारियों की समस्याएं भी सुनीं और उनके समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को त्योहार के दौरान पूरी सतर्कता के साथ जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए।
शाम छह बजे के बाद भी बढ़ेगी पुलिस गश्त
यूपी पुलिस के व्यापक त्योहार सुरक्षा प्लान के तहत यूपी-112 की गाड़ियों को शाम छह बजे के बाद अपने निर्धारित क्षेत्रों में धीमी गति से लगातार गश्त करने और तय अंतराल पर सायरन बजाने के निर्देश भी दिए गए हैं। बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा थाना प्रभारी फुट पेट्रोलिंग करेंगे।
यूपी-112 की सुरक्षा तैयारियों की प्रमुख बातें:
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संवेदनशील इलाकों और हॉटस्पॉट की पहचान।
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5 नवंबर तक संशोधित रूट चार्ट मुख्यालय भेजना।
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सभी PRV वाहनों की शत-प्रतिशत उपलब्धता।
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आपातकालीन सूचनाओं की प्रभावी निगरानी।
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पुलिसकर्मियों की नियमित ब्रीफिंग और जांच।
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संशोधित SOP का कड़ाई से पालन।



