विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए 2800 करोड़ रुपये मंजूर, तीन जिलों में तेज होगी जमीन खरीद

उत्तर प्रदेश सरकार ने विंध्य एक्सप्रेसवे और उससे जुड़े पूर्वांचल लिंक स्पर के लिए भूमि खरीद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शासन ने तीन जिलों में जमीन खरीदने के लिए कुल 2800 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस धनराशि से भूमि क्रय की प्रक्रिया तेज होने और परियोजना के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
तीन जिलों को इस तरह मिलेगी धनराशि
भूमि खरीद के लिए जिलावार बजट का आवंटन किया गया है। इसमें चंदौली को सबसे अधिक 1200 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं गाजीपुर को 1100 करोड़ और मीरजापुर को 500 करोड़ रुपये मिलेंगे। शासनादेश के अनुसार, यह धनराशि संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों के डिपॉजिट खातों में जमा की जाएगी।
| जिला | स्वीकृत धनराशि |
|---|---|
| चंदौली | 1200 करोड़ रुपये |
| गाजीपुर | 1100 करोड़ रुपये |
| मीरजापुर | 500 करोड़ रुपये |
| कुल | 2800 करोड़ रुपये |
134 गांवों की जमीन होगी परियोजना में शामिल
विंध्य-पूर्वांचल लिंक स्पर एक्सप्रेसवे के लिए तीन जिलों के कुल 134 गांवों की लगभग 1558.93 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जानी है। इसमें मीरजापुर के 34 गांवों की 318 हेक्टेयर, चंदौली के 52 गांवों की 663 हेक्टेयर और गाजीपुर के 48 गांवों की 576 हेक्टेयर जमीन शामिल है। चंदौली में इस परियोजना से करीब नौ हजार किसानों के प्रभावित होने की बात सामने आई है।
किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया होगी तेज
बजट स्वीकृत होने के बाद जिला प्रशासन भूमि खरीद और मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। जमीन के अभिलेखों का सत्यापन, स्वामित्व की पुष्टि और निर्धारित दरों के आधार पर भुगतान जैसे काम महत्वपूर्ण होंगे। प्रशासन के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती होगी कि किसानों को समयबद्ध तरीके से उचित मुआवजा मिले और भूमि क्रय की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
सोनभद्र से गाजीपुर तक बेहतर होगी कनेक्टिविटी
प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे सोनभद्र से शुरू होकर चंदौली और मीरजापुर होते हुए गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे विंध्य क्षेत्र और पूर्वांचल के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने पर यात्रियों के साथ-साथ व्यापारियों, किसानों और औद्योगिक इकाइयों को भी परिवहन में सुविधा मिल सकती है।
व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
बेहतर सड़क नेटवर्क से क्षेत्र में कृषि उत्पादों, खनिजों और औद्योगिक सामान की आवाजाही आसान हो सकती है। इससे स्थानीय कारोबार और परिवहन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। हालांकि, परियोजना के वास्तविक लाभ निर्माण पूरा होने और एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
महत्वपूर्ण जानकारी: 2800 करोड़ रुपये की स्वीकृति गाजीपुर, चंदौली और मीरजापुर में विंध्य-पूर्वांचल लिंक स्पर के लिए भूमि खरीद से संबंधित है। इसे पूरी विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना की कुल लागत नहीं समझना चाहिए।



