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जम्मू-कश्मीरः गुरेज सेक्टर में सेना का चीता हेलीकॉप्टर क्रैश, दो पायलटों में से एक की मौत और एक घायल

जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में भारतीय सेना का एक चीता हेलीकॉप्टर शुक्रवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया. भारतीय सेना के अधिकारी ने कहा, इस हादसे में दो पायलटों में से एक की मौत हो गई है जबकि दूसरा घायल हो गया है. अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है. बता दें कि इस हादसे की सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों ने रेस्क्यू ऑपरेशन करने की तैयारी शुरू कर दी है. रेस्क्यू टीम कुछ ही देर में हेलिकॉप्टर के चालक दल के बचाव के लिए बर्फीले इलाके में पहुंच रही है. यह जानकारी डिफेंस ऑफिसियल्स ने दी है. माना जा रहा है कि पायलट और को-पायलट सुरक्षित बाहर निकल गए हैं, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.

जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर गुरेज के तुलैल इलाके में नियमित उड़ान पर था. इसी दौरान उसका एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. बाद में पता चला कि हेलीकॉप्टर दुर्घटाग्रस्त हो गया है, जिस पर भारतीय सेना और वायुसेना ने तुरंत गुजरान नाला इलाके में रेस्क्यू टीम को भेजा.

 

सेना के पास हैं 200 चीता हेलीकॉप्टर

चीता एक इंजन वाला हेलीकॉप्टर है, जिसमें मूविंग मैप डिस्प्ले, ग्राउंड प्रॉक्सिमिटी वार्निंग सिस्टम और वेदर रडार जैसी प्रमुख विशेषताएं नहीं हैं. इसमें ऑटोपायलट सिस्टम भी नहीं है, जो खराब मौसम में पायलट को भटका सकता है. सेना के पास 200 चीता हेलीकॉप्टरों का बेड़ा है. पिछले कुछ वर्षों में, 30 से अधिक दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें 40 से अधिक अधिकारी मारे गए हैं.

नवंबर 2021 में रक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों सहित सुरक्षाबलों के विमान बेड़े की समीक्षा की जाती है. सरकार ने इन हेलीकॉप्टरों को नेवल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, स्वदेशी लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH) के साथ बदलने की योजना बनाई है, जिसका निर्माण HAL द्वारा “बाय (इंडियन-आईडीडीएम)” प्रोजेक्ट के तहत किया गया है और रूसी निर्मित Ka-226T को “बाय एंड मेक (इंडियन)” के रूप में बनाया गया है.

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