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रूस-यूक्रेन युद्ध का हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संभावित प्रभावों पर भारत-फ्रांस चिंतित

  • फ्रांस और भारतीय नौसेना प्रमुखों ने विभिन्न द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की
  • हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बनेगा सहयोगी तंत्र

नई दिल्ली। भारत की पहली यात्रा पर आये फ्रांसीसी नौसेना प्रमुख एडमिरल पियरे वैंडियर को सोमवार को साउथ ब्लॉक लॉन में गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार के साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर विभिन्न द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की, जिससे द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा सहयोग और बढ़ाने की उम्मीद है। रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों के बारे में भी फ्रांसीसी नौसेना प्रमुख के साथ भारत ने विचार-विमर्श करके चिंता जताई है।

फ्रांसीसी नौसेना प्रमुख 26 से 30 मार्च तक भारत के दौरे पर हैं। वह मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) थीम्ड हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आईओएनएस) और समुद्री अभ्यास (आईएमईएक्स) में भाग लेने के लिए यहां आये हैं। एडमिरल वैंडियर ने सोमवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार, नौसेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और भारत सरकार के अधिकारियों के साथ भी बातचीत की। बैठक के दौरान नौसेना प्रमुखों के बीच विभिन्न द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर क्षमता निर्माण के रास्ते तलाशने, अंतर-संचालन को मजबूत करने, हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सहयोगी तंत्र बनाने पर चर्चा की। पिछले कुछ वर्षों में भारत और फ्रांस के बीच समुद्री सहयोग में बड़ा विस्तार हुआ है।

फ्रांस के नौसेना प्रमुख वैंडियर की यह तीन दिवसीय यात्रा भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की पेरिस यात्रा के एक महीने बाद हो रही है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत समुद्र से लेकर अंतरिक्ष तक और साइबर से लेकर महासागरों तक असंख्य सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए फ्रांस को एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में देखता है। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच भारत-प्रशांत क्षेत्र में द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा सहयोग को और बढ़ाना है। रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों के बारे में भी फ्रांसीसी नौसेना प्रमुख के साथ विचार-विमर्श होने की संभावना है। एडमिरल वैंडियर भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी के साथ भी व्यापक बातचीत करेंगे।

हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती मौजूदगी पर बढ़ती चिंता को लेकर भारतीय और फ्रांसीसी नौसेनाओं ने पिछले साल कई बड़े युद्धाभ्यास किये हैं। दोनों सेनाओं ने अप्रैल, 2021 में द्विपक्षीय अभ्यास ‘वरुण-2021’ का 19वां संस्करण अरब सागर में करके चीन को एक मजबूत संदेश दिया था। फ्रांसीसी नौसेना ने अपने परमाणु-संचालित विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल और उसके पूरे वाहक समूह को अभ्यास में तैनात किया था, जो नौसेना संबंधों में बढ़ती एकरूपता को दर्शाता है। इसी तरह मार्च, 2021 में सद्भावना यात्रा पर दो फ्रांसीसी जहाज फ्रेंच नेवल शिप्स टोनर्रे (एम्फीबियस असॉल्ट शिप) और सरकॉफ (फ्रिगेट क्लास शिप) कोच्चि बंदरगाह पहुंचे। भारत और फ्रांस के सम्बंध विशेष तौर पर आतंकवाद, रक्षा, परमाणु और अंतरिक्ष जैसे मुद्दों पर पारंपरिक रूप से काफी अच्छे रहे हैं।

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