उत्तर प्रदेशकुशीनगर

आईएलएस सुविधायुक्त होगा कुशीनगर हवाई अड्डा

  • चल रही है 6.05 करोड़ की निविदा प्रक्रिया

कुशीनगर। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा अगस्त माह तक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) सुविधा से युक्त हो जाएगा। इसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। 6.05 करोड़ की निविदा में कई बहुराष्ट्रीय कम्पनियों ने प्रतिभाग किया है।

आईएलएस कोरिया से आयात किया जाएगा। सिस्टम लग जाने के बाद कोहरा, बारिश आदि प्रतिकूल मौसम में भी हवाई जहाज स्वचालित मोड में रन-वे पर लैंड व टेक आफ कर सकेंगे। साथ ही एयरपोर्ट की ग्रेडिंग अपग्रेड होने से घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू करने के लिए देशी-विदेशी विमानन कम्पनियां आकर्षित होंगी।

हवाईअड्डे से नियमित घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू होने में आईएलएस का न लगना बड़ी बाधा है।अक्टूबर माह में विमानपत्तन प्राधिकरण की कम्युनिकेशन एंड नेविगेशन सिस्टम उत्तरी क्षेत्र नई दिल्ली के महाप्रबंधक एस एस राजू के नेतृत्व में आई पांच सदस्यों की टीम से आईएलएस के लिए सर्वे किया था। टीम ने रन-वे के साउथ साइट के प्वाइंट 29 पर आईएलएस लगाया जाना चिन्हित किया। आईएलएस की मॉनिटरिंग के लिए अलग से कंट्रोल टावर भी बनाया जाएगा।

महाप्रबंधक (सिविल) अमर सिंह ने बताया कि आईएलएस के लिए ग्राउंड लेबल पर कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रभारी निदेशक नरेन्द्र रे ने बताया कि आईएलएस की निविदा अंतिम चरण में है। जुलाई तक कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है।

बदलेगी आईएफआर कैटेगरी

इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) लग जाने के बाद डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (डीजीसीए) एयरपोर्ट के लाइसेंस को अपग्रेड करेगा। वर्तमान में एयरपोर्ट का लाइसेंस विजीविलिटी फ्लाइंग रेगुलेशन (वीएफआर) कैटेगरी में है। आईएलएस लग जाने के बाद इंस्ट्रूमेंट फ्लाइंग रेगुलेशन (आईएफआर) कैटेगरी में लाइसेंस अपग्रेड कर जायेगा।

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