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‘भारत या इंडिया’ पर बवाल जारी, मल्लिकार्जुन खरगे ने शेयर की कविता, कहा- I.N.D.I.A से घबरा गई भाजपा

देश में इन दिनों चर्चा चल रही है कि क्या देश का नाम इंडिया से बदलकर भारत किया जाएगा। विपक्षी दलों को इस बात की भी शंका है कि संसद का विशेष सत्र भी इसलिए ही बुलाया गया है। इस सुगबुगाहट को हवा तब मिली जब G20 समिट के रात्रिभोज के निमंत्रण पत्र पर ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ लिखा गया। इस पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A का इस बाबत कहना है कि भाजपा उनसे डर गई है। इसलिए भाजपा देश का नाम बदलना चाहती है। इस मुद्दे पर देशभर में बयानबाजी देखने को मिल रही है। भाजपा और अन्य दल एक दूसरे पर कटाक्ष कर रहे हैं। इस बाबत कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जन खरगे ने भी बयान देते हुए कविता शेयर की।

मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट कर कही ये बात

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट कर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए एक कविता शेयर किया। उन्होंने लिखा, मोदी सरकार I.N.D.I.A पार्टियों के गठबंधन से घबरा गई है। भारत और INDIA दोनों शब्द संविधान का अटूट अंग हैं। उनकी नफरत और ध्यान भटकाने की राजनीति के लिए कुछ पंक्तियां-

तुम बांट रहे हो देश को, हम नहीं,
बांट सको हमें, तुममें ये दम नहीं।
तख्त का नशा है बस, देश की फिक्र नहीं,
बेरोजगारी, विकास का, कहीं भी जिक्र नहीं।
कोई नया झूठ बनाओ सारे पुराने हो गए,
सड़कों पर देखों, बच्चे सयाने हो गए।
जान भी लगा दो अगर, रुकेंगे ये एक कदम भी नहीं,
संविधान रोशन रहेगा, चाहे रहें हम नहीं।
हिंदू, सिख, ईसाई, मुसलमान सब रहेंगे साथ-साथ,
जब मिलेगा दिल से दिल, तब होगी मन की बात।

केरल के मुख्यमंत्री ने की आलोचना

इस मामले पर बयान देते हुए केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश के बहुलवाद को नष्ट करने के लिए केंद्र सरकार दिए किए जा रहे प्रयासों का यह एक हिस्सा है। कोई भी राजनीतिक फैसला देश के हितों के खिलाफ नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का नाम बदलने का कथित कदम अलोकतांत्रित व असंवैधानिक है। उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार आखिर इंडिया शब्द से इतना क्यों डरती है।’

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