भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में ₹1.33 लाख करोड़ की फंडिंग

भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को लेकर निवेश का माहौल लगातार मजबूत हो रहा है। सेमीकॉन इंडिया 2026 से पहले सामने आया फंडिंग का आंकड़ा इस क्षेत्र में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। SEMICON India 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक नई दिल्ली में होना है।
रिपोर्ट के अनुसार भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में 281 कंपनियों ने अब तक करीब 1.4 अरब डॉलर यानी लगभग ₹1.33 लाख करोड़ की इक्विटी फंडिंग आकर्षित की है। यह आंकड़ा भारत के उभरते चिप इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खास बात यह है कि इस कुल फंडिंग का करीब आधा हिस्सा 2025 के बाद जुटाया गया है। इससे संकेत मिलता है कि हाल के वर्षों में भारत के सेमीकंडक्टर और चिप से जुड़े कारोबार में निवेश की रफ्तार तेज हुई है।
फंडिंग के मामले में बेंगलुरु देश का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। शहर का मजबूत टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम, स्टार्टअप कल्चर और इंजीनियरिंग टैलेंट सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कंपनियों और निवेशकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है। डिजाइन, टेस्टिंग, पैकेजिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में भी कंपनियां अपनी क्षमताएं बढ़ा रही हैं। इससे भारत में एक व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं।
भारत सरकार भी India Semiconductor Mission के जरिए घरेलू चिप निर्माण और तकनीकी क्षमता को बढ़ावा दे रही है। सरकार की कोशिश है कि वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका बढ़े और देश महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के लिए विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम कर सके।
निवेशकों के लिए इस सेक्टर में कंपनियों के अधिग्रहण भी महत्वपूर्ण एग्जिट विकल्प बने हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अधिग्रहण से जुड़ी गतिविधियां सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए प्रमुख एग्जिट रूट में शामिल हैं।
कुल मिलाकर, सेमीकॉन इंडिया 2026 से ठीक पहले सामने आया 1.4 अरब डॉलर का फंडिंग आंकड़ा भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षा को मजबूती देता है। आने वाले समय में निवेश, सरकारी प्रोत्साहन और वैश्विक कंपनियों की भागीदारी से भारत के चिप इकोसिस्टम के और विस्तार की उम्मीद है।



