हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत: फ्लाइट टिकट रिफंड और कैंसिलेशन पर सरकार के नए प्रस्ताव, कई शुल्क होंगे खत्म

केंद्र सरकार ने हवाई यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों पर ध्यान देते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने फ्लाइट टिकट रिफंड और कैंसिलेशन शुल्क से जुड़ी नई नीतियों का प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत यात्रियों को अधिक पारदर्शिता और सुविधा प्रदान करने के लिए एयरलाइंस कंपनियों पर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।
इन नए प्रस्तावों के अनुसार, अगर किसी यात्री की फ्लाइट एयरलाइन की गलती या तकनीकी कारणों से रद्द होती है, तो यात्रियों को पूरा पैसा वापस मिलेगा और कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही, रिफंड प्रक्रिया को तेज करने के लिए समय सीमा भी तय की जा रही है। अब एयरलाइंस को टिकट रद्द होने के सात दिनों के भीतर रिफंड देना अनिवार्य होगा।
सरकार ने यह भी कहा है कि एयरलाइंस कंपनियां मनमाने कैंसिलेशन चार्ज नहीं लगा सकेंगी। कई यात्रियों ने शिकायत की थी कि टिकट की कीमत से भी ज्यादा कैंसिलेशन चार्ज वसूले जा रहे हैं। अब DGCA ने ऐसे शुल्कों को सीमित करने का सुझाव दिया है ताकि उपभोक्ताओं का आर्थिक नुकसान न हो।
इसके अलावा, फ्लाइट में देरी या ओवरबुकिंग की स्थिति में यात्रियों को मुफ्त में भोजन, आवास और वैकल्पिक उड़ान की सुविधा देने का भी प्रस्ताव है। यह कदम यात्रियों के अधिकारों को मजबूत करेगा और हवाई यात्रा को अधिक भरोसेमंद बनाएगा।
सरकार ने एयरलाइंस से यह भी कहा है कि टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन के नियमों को वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की गलतफहमी न हो।
नए प्रस्तावों से उम्मीद है कि हवाई यात्रियों को अब ज्यादा पारदर्शी, सुविधाजनक और उपभोक्ता-हितैषी सेवा मिलेगी। इससे न केवल लोगों का एयरलाइंस पर विश्वास बढ़ेगा बल्कि देश में विमानन क्षेत्र की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी। आने वाले समय में इन नियमों के लागू होने से यात्रियों के हित में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जो भारत की हवाई यात्रा व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील और जनहितैषी बनाएगा।



