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Sovereign Gold Bond बना पैसा छापने की मशीन | 287% रिटर्न से निवेशकों की बल्ले-बल्ले | जानें पूरी डिटेल

अगर आप सोचते हैं कि सोने में निवेश सिर्फ आभूषण या सिक्के खरीदने तक सीमित है, तो अब वक्त है अपनी सोच बदलने का। Sovereign Gold Bond (SGB) आज निवेश की दुनिया में ‘पैसा छापने की मशीन’ बन चुका है। हाल के आंकड़ों के मुताबिक, जिन्होंने 2015 में आरबीआई की पहली सीरीज़ में SGB खरीदा था, उन्हें अब तक 287% तक का रिटर्न मिल चुका है। यह रिटर्न किसी भी फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड या शेयर से भी कई गुना अधिक है।

Sovereign Gold Bond स्कीम को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोने में सुरक्षित और ब्याज-आधारित निवेश विकल्प के रूप में शुरू किया था। इसमें निवेशक को न केवल सोने की कीमत में बढ़ोतरी का फायदा मिलता है, बल्कि हर साल 2.5% का ब्याज भी दिया जाता है। यानी यहां निवेशक को दोहरा लाभ मिलता है — एक तो सोने की बढ़ती कीमत और दूसरा तय ब्याज।

अगर आंकड़ों की बात करें, तो 2015 में एक ग्राम सोने की कीमत करीब ₹2,684 थी। वहीं अब 2025 में सोना ₹7,800 प्रति ग्राम के पार पहुंच चुका है। यानी सिर्फ पूंजीगत लाभ ही 187% से ज्यादा हुआ। जब इसमें हर साल का ब्याज भी जोड़ दें, तो कुल रिटर्न लगभग 287% हो जाता है। इसीलिए SGB को अब निवेशकों के बीच “स्मार्ट गोल्ड इन्वेस्टमेंट” कहा जाने लगा है।

सबसे खास बात यह है कि Sovereign Gold Bond को आप डिजिटल रूप में खरीद सकते हैं, जिससे चोरी या नुकसान का कोई खतरा नहीं रहता। इसे डीमैट अकाउंट में रखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर स्टॉक एक्सचेंज पर बेचा भी जा सकता है। साथ ही, पांच साल बाद आंशिक निकासी की सुविधा भी उपलब्ध है।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है, ऐसे में SGB में निवेश एक समझदारी भरा फैसला साबित हो सकता है। यह न केवल आपकी पूंजी को सुरक्षित रखता है बल्कि मुद्रास्फीति के प्रभाव से भी बचाता है।

इसलिए अगर आप भी दीर्घकालिक और सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं, तो Sovereign Gold Bond आपके निवेश पोर्टफोलियो में एक सुनहरा विकल्प बन सकता है।

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