
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच जहां आमतौर पर सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिलती है, वहीं इस बार बाजार ने उलट रुख दिखाया और बुलियन मार्केट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में आई तेज कमजोरी का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। एक ही कारोबारी सत्र में सोने की कीमतों में करीब ₹18,000 तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और ज्वेलर्स दोनों को बड़ा झटका लगा। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर की मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और बड़े निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली की वजह से कीमती धातुओं में बिकवाली बढ़ी है। इसके अलावा, वैश्विक बाजार में तरलता की स्थिति और केंद्रीय बैंकों की सख्त मौद्रिक नीतियों ने भी दबाव बनाया है। हालांकि मिडिल ईस्ट में तनाव अभी भी बना हुआ है, लेकिन निवेशकों का रुख फिलहाल जोखिम वाले एसेट्स की ओर मुड़ता दिख रहा है। घरेलू सर्राफा बाजार में भी ग्राहकों ने खरीदारी से दूरी बना ली है और कीमतों में और गिरावट की आशंका जताई जा रही है। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर बाजार की नजर रहेगी, जिससे सोने-चांदी की दिशा तय होगी। फिलहाल इस तेज गिरावट ने बुलियन मार्केट में अस्थिरता बढ़ा दी है और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।



