डिफेंस एक्सपोर्ट में भारत की बड़ी छलांग

भारत ने रक्षा निर्यात के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 62% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश का डिफेंस एक्सपोर्ट बढ़कर करीब 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस तेजी के साथ भारत अब 80 से अधिक देशों को हथियार और रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ की गूंज वैश्विक स्तर पर सुनाई दे रही है।
इस उपलब्धि के पीछे स्वदेशी रक्षा तकनीक और उत्पादन में तेजी बड़ा कारण माना जा रहा है। भारत के प्रमुख हथियार जैसे ब्रह्मोस मिसाइल, तेजस फाइटर जेट, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम और पिनाका रॉकेट सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय बाजार में जबरदस्त मांग मिल रही है।
सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ नीति और निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी ने भी इस सेक्टर को नई ताकत दी है। आसान नीतियों, बढ़ते निवेश और तकनीकी नवाचार के चलते भारत अब सिर्फ आयातक नहीं, बल्कि वैश्विक रक्षा निर्यातक के रूप में उभर रहा है।
क्या है इस सफलता की बड़ी वजह?
- ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान
- स्वदेशी हथियारों की बढ़ती गुणवत्ता
- निजी और सरकारी कंपनियों की साझेदारी
- निर्यात नीतियों में सुधार और तेजी
कुल मिलाकर, भारत का यह प्रदर्शन सिर्फ आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि वैश्विक रणनीतिक ताकत बनने की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के टॉप डिफेंस एक्सपोर्टर्स में शामिल हो सकता है।



