TATA Power ने NCD से जुटाए ₹2000 करोड़, FD जैसे फिक्स्ड रिटर्न के साथ निवेश का नया मौका

देश की दिग्गज पावर कंपनी TATA Power ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) के जरिए करीब ₹2000 करोड़ जुटाए हैं। इस फंड रेजिंग के जरिए कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के साथ-साथ नए प्रोजेक्ट्स और विस्तार योजनाओं पर फोकस करेगी। खास बात यह है कि इन NCDs पर निवेशकों को FD जैसी स्थिर और फिक्स्ड इनकम मिलने का भरोसा दिया गया है, जिस वजह से यह स्कीम रिटेल और संस्थागत दोनों तरह के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।
TATA Power के NCDs की ब्याज दरें बाजार में मौजूद कई फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम्स के बराबर या उनसे थोड़ी बेहतर मानी जा रही हैं। कंपनी ने अलग-अलग अवधि के विकल्प पेश किए हैं, ताकि निवेशक अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के अनुसार चुनाव कर सकें। आमतौर पर इन NCDs पर सालाना ब्याज भुगतान या मैच्योरिटी पर एकमुश्त भुगतान का विकल्प मिलता है, जिससे निवेशकों को नियमित आय का फायदा होता है।
निवेश के लिहाज से NCDs को FD जैसा सुरक्षित विकल्प माना जाता है, हालांकि इनमें बाजार से जुड़ा कुछ जोखिम जरूर रहता है। TATA Power जैसी मजबूत बैलेंस शीट और लंबे समय से स्थापित कंपनी द्वारा जारी NCDs पर निवेशकों का भरोसा ज्यादा रहता है। इसके अलावा, कंपनी की क्रेडिट रेटिंग भी निवेशकों को जोखिम समझने और सही फैसला लेने में मदद करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जो निवेशक लंबे समय के लिए स्थिर रिटर्न चाहते हैं और FD से थोड़ा बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं, उनके लिए TATA Power के NCD एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। हालांकि, निवेश से पहले ऑफर डॉक्युमेंट, ब्याज दर, अवधि और जोखिम से जुड़ी सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है, ताकि निवेश सुरक्षित और लाभदायक साबित हो सके।



