21वीं सदी की बड़ी कारोबारी नाकामियां: RHFL, JP Associates समेत ये कंपनियां हुईं कंगाल

21वीं सदी को भारत में आर्थिक विकास, स्टार्टअप्स और कॉरपोरेट विस्तार का दौर माना जाता है, लेकिन इसी दौर में कुछ ऐसी बड़ी कंपनियां भी रहीं जो कभी सफलता के शिखर पर थीं और बाद में कर्ज, गलत फैसलों और बदलते बाजार हालात की वजह से बर्बादी की कगार पर पहुंच गईं। अनिल अंबानी की कंपनियों से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज फर्मों तक, कई नाम इस सूची में शामिल हैं।
इस लिस्ट में पहला नाम रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) का आता है। अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की यह कंपनी कभी हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में तेजी से उभर रही थी, लेकिन भारी कर्ज, खराब लोन रिकवरी और लिक्विडिटी संकट ने इसे बुरी तरह प्रभावित किया। देखते ही देखते RHFL दिवालिया प्रक्रिया में चली गई और निवेशकों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।
दूसरा बड़ा नाम है JP Associates (जयप्रकाश एसोसिएट्स)। इंफ्रास्ट्रक्चर, सीमेंट और रियल एस्टेट सेक्टर में मजबूत पकड़ रखने वाली यह कंपनी आक्रामक विस्तार और अत्यधिक कर्ज की वजह से फंस गई। समय पर प्रोजेक्ट पूरे न होने और नकदी संकट के चलते कंपनी को कई अहम एसेट्स बेचने पड़े।
तीसरी कंपनी IL&FS (इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज) है, जिसे कभी देश की भरोसेमंद फाइनेंशियल संस्थाओं में गिना जाता था। 2018 में सामने आए डिफॉल्ट संकट ने पूरे फाइनेंशियल सिस्टम को हिला दिया। कर्ज के जाल और कॉरपोरेट गवर्नेंस की कमजोरियों ने इस दिग्गज को धराशायी कर दिया।
चौथे नंबर पर किंगफिशर एयरलाइंस का नाम आता है। विजय माल्या की यह एयरलाइन शानदार ब्रांडिंग और लग्जरी सर्विस के लिए जानी जाती थी, लेकिन बढ़ते घाटे, ईंधन कीमतों और गलत प्रबंधन ने इसे बंद होने पर मजबूर कर दिया।
पांचवीं बड़ी कंपनी है वीडियोकॉन ग्रुप। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर ऑयल और गैस तक कारोबार फैलाने वाला यह समूह भी कर्ज के बोझ तले दब गया। बैंक डिफॉल्ट और कानूनी मामलों के बाद इसका साम्राज्य बिखर गया।



