Vedanta Power Q2 Results: रेवेन्यू 38% बढ़ा, ₹83 करोड़ का मुनाफा

वेदांता ग्रुप की कंपनी वेदांता पावर लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार वापसी की है। कंपनी ने सितंबर तिमाही में ₹83 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जबकि इससे पिछली जून तिमाही में उसे ₹423 करोड़ का घाटा हुआ था। कंपनी के रेवेन्यू और परिचालन प्रदर्शन में भी सुधार दर्ज किया गया।
38% बढ़कर ₹2,908 करोड़ हुआ रेवेन्यू
वेदांता पावर का परिचालन से प्राप्त कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 38% बढ़कर ₹2,908 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹2,104 करोड़ था।
कंपनी की आय में बढ़ोतरी के पीछे बिजली की बिक्री में वृद्धि, बेहतर बिक्री मूल्य और पावर प्लांट्स के परिचालन प्रदर्शन में सुधार प्रमुख कारण रहे।
EBITDA में भी जोरदार बढ़ोतरी
कंपनी का EBITDA सितंबर तिमाही में बढ़कर ₹421 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल की समान अवधि में यह करीब ₹190 करोड़ था। EBITDA में बढ़ोतरी बेहतर परिचालन दक्षता और बिजली बिक्री में वृद्धि को दर्शाती है।
वहीं, असाधारण मदों से पहले कंपनी का शुद्ध लाभ ₹101 करोड़ रहा। इससे पिछले साल की समान तिमाही में इस आधार पर कंपनी को घाटा हुआ था।
बिजली बिक्री में बना नया रिकॉर्ड
वेदांता पावर ने सितंबर तिमाही में 5,593 मिलियन यूनिट बिजली की बिक्री की, जो सालाना आधार पर 26% अधिक है। कंपनी की प्रति यूनिट शुद्ध बिक्री प्राप्ति भी पिछले साल के ₹4.74 से बढ़कर ₹5.20 हो गई।
कंपनी के झारसुगुड़ा प्लांट की उपलब्धता बढ़कर 98% हो गई, जबकि आंध्र प्रदेश स्थित मीनाक्षी एनर्जी की बिजली बिक्री में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई। इन परिचालन सुधारों ने तिमाही नतीजों को मजबूती दी।
कर्ज के अनुपात में भी सुधार
कंपनी के मुताबिक, नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात घटकर 4.47 गुना रह गया, जबकि एक साल पहले यह 9.82 गुना था। यह सुधार कंपनी की वित्तीय स्थिति और कर्ज चुकाने की क्षमता के आकलन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
हालांकि, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन का मूल्यांकन करते समय कर्ज, ब्याज लागत, बिजली की मांग और भविष्य की परिचालन परिस्थितियों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
पहली छमाही में भी रेवेन्यू बढ़ा
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में वेदांता पावर का परिचालन रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 35% बढ़कर ₹5,515 करोड़ हो गया। इस दौरान कंपनी का EBITDA ₹712 करोड़ रहा। हालांकि, अप्रैल से सितंबर की छह महीने की अवधि में कंपनी को कुल मिलाकर ₹340 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ।
निष्कर्ष: वेदांता पावर के सितंबर तिमाही के नतीजों में रेवेन्यू, EBITDA और बिजली बिक्री में वृद्धि के साथ घाटे से मुनाफे में लौटने का संकेत मिला है। फिर भी निवेश से जुड़ा कोई फैसला लेने से पहले कंपनी की पूरी वित्तीय रिपोर्ट, कर्ज और भविष्य की कारोबारी संभावनाओं का आकलन करना जरूरी है।



