De De Pyaar De 2 Movie Review: रोमांस-ड्रामा में गिरी रफ्तार, जानें क्या रही कमी

De De Pyaar De 2’ अपने पहले हिस्से में मजेदार कॉमेडी, हल्के-फुल्के रोमांस और अजय देवगन की टाइमिंग से दर्शकों को खूब हंसाती है। फिल्म की शुरुआत तेज-तर्रार स्क्रीनप्ले और ताज़ा स्थितियों के साथ होती है, जिससे लगा कि यह सिक्वल पहले पार्ट जैसी पकड़ बनाए रखेगा। अजय देवगन और रकुल प्रीत सिंह की केमिस्ट्री पहले हाफ में काफी नैचुरल लगती है। दोनों के बीच की नोकझोंक और रोमांटिक ट्रैक दर्शकों को एंगेज करता है।
लेकिन जैसे ही इंटरवल के बाद कहानी आगे बढ़ती है, फिल्म की रफ्तार noticeably धीमी पड़ जाती है। सिक्वल की सबसे बड़ी कमजोरी यही है कि इसका दूसरा हाफ उलझनों से भरा हुआ महसूस होता है। कई सीन्स जरूरत से ज्यादा खिंचे हुए लगते हैं और भावनात्मक ड्रामा उतना असर नहीं छोड़ पाता। जहाँ पहला हिस्सा दर्शकों को हँसाने में सफल रहता है, वहीं दूसरा हिस्सा कहानी को बार-बार भटकाता है।
अजय देवगन पूरे फिल्म में अपनी सहज परफॉर्मेंस से प्रभावित करते हैं। उनका कमेडिक और भावनात्मक संतुलन हमेशा की तरह मजबूत है। रकुल प्रीत सिंह भी अपनी भूमिका में ग्लैमरस और एनर्जेटिक दिखती हैं, लेकिन दूसरे हाफ में उनका किरदार उतना निखर नहीं पाता। सपोर्टिंग कास्ट—तब्बू, जिम्मी शेरगिल या अन्य कलाकार—अपनी जगह ठीक हैं, लेकिन उन्हें और अच्छी तरह इस्तेमाल किया जा सकता था।
कहानी की सबसे बड़ी खामी यह है कि यह रिश्तों की जटिलता को दिखाने की कोशिश तो करती है, लेकिन कई अहम मोड़ों पर गहराई नहीं दिखा पाती। ड्रामा को मजबूती देने के बजाय पटकथा अचानक हास्य और इमोशनल सीन के बीच झूलती रहती है, जिससे प्रभाव कम होता है।
फिल्म के गाने और लोकेशंस आकर्षक हैं और संगीत कहानी की थीम के साथ चलता है। निर्देशन पहले हाफ में मजबूत लगता है, लेकिन दूसरा हाफ ढीला पड़ जाता है, जिससे फिल्म एक औसत अनुभव बन जाती है।
कुल मिलाकर, ‘De De Pyaar De 2’ एक मनोरंजक शुरुआत के साथ आती है, लेकिन कमजोर दूसरे हाफ के कारण उम्मीद के मुताबिक असर छोड़ने में चूक जाती है।



