साल का करियर और 300 से ज्यादा फिल्में, लेकिन धर्मेंद्र कभी नहीं बने नंबर-1 हीरो

हिंदी सिनेमा की दुनिया में धर्मेंद्र का नाम एक ऐसी शख्सियत के रूप में दर्ज है, जिन्होंने 65 वर्षों के लंबे करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया और दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी। उन्हें ‘ही-मैन ऑफ बॉलीवुड’ कहा गया, उनका व्यक्तित्व, अभिनय और लोकप्रियता किसी भी सुपरस्टार से कम नहीं थी। फिर भी अपने शानदार करियर के बावजूद धर्मेंद्र को कभी भी ‘नंबर-1 हीरो’ का दर्जा नहीं मिला। इसका कारण उनकी प्रतिभा में कमी नहीं, बल्कि उनकी पीढ़ी का असाधारण प्रतिस्पर्धात्मक माहौल था, जिसमें कई बड़े सितारों का प्रभाव एक ही दौर में चरम पर था।
1960 से 1980 का दशक बॉलीवुड के लिए स्वर्णिम काल माना जाता है, जब राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, विनोद खन्ना और जीतेन्द्र जैसे कई दिग्गज सितारे एक साथ सक्रिय थे। ऐसे माहौल में किसी एक अभिनेता का ‘नंबर-1’ बनना आसान नहीं था। धर्मेंद्र अपनी सफलता, लोकप्रियता और अभिनय में उत्कृष्टता के बावजूद इस रेस में कभी शीर्ष स्थान पर नहीं आ पाए, क्योंकि उनका व्यक्तित्व हर तरह की श्रेणी में फिट बैठता था। वे एक्शन में चमके, रोमांस में दिल जीते, और कॉमेडी में भी दर्शकों को खूब हंसाया, लेकिन इसी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें किसी एक छाप तक सीमित नहीं रहने दिया, जिस वजह से वे ‘स्पेशलाइज्ड सुपरस्टार’ के बजाय ‘ऑल-राउंडर स्टार’ बनकर उभरे।
धर्मेंद्र की फिल्मों का एक और रोचक पहलू यह था कि वे अक्सर मल्टी-स्टारर फिल्मों का हिस्सा बने। शोले, सीता औरगीता, यकीन, सत्ते पे सत्ता जैसी फिल्मों में उनकी अदाकारी लाजवाब रही, लेकिन इन फिल्मों में कई प्रमुख कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर करने के कारण उनकी व्यक्तिगत पहचान अक्सर सामूहिक सफलता में घुल-मिल गई। इसके बावजूद धर्मेंद्र का स्टारडम कभी कम नहीं हुआ और वे हर वर्ग के दर्शकों के प्रिय बने रहे।
धर्मेंद्र का व्यक्तित्व सरल, सहज और जमीन से जुड़ा हुआ रहा। वे कभी नंबर-1 की दौड़ में शामिल होने के लिए आक्रामक या रणनीतिक नहीं रहे। उन्होंने सिनेमा को एक पेशा नहीं, बल्कि कला समझकर जिया। शायद यही कारण है कि वे आज भी लाखों दिलों के ‘नंबर-1’ हैं, भले ही बॉक्स ऑफिस की रैंकिंग ने उन्हें कभी शीर्ष पर न रखा हो। उनका योगदान, मानवीयता और सादगी उन्हें भारतीय सिनेमा का सदाबहार आइकन बनाती है, जिसकी चमक आने वाली पीढ़ियों में भी कायम रहेगी।



