उत्तर प्रदेशखेती-किसानीलखनऊ

कृषि यंत्रों पर अनुदान दे रही योगी सरकार, 20 दिसंबर तक आवेदन कर सकेंगे किसान

  • डबल इंजन सरकार अन्नदाता किसानों के लिए चला रहीं अनेक योजनाएं
  • यंत्रों के क्रय पर अनुदान प्राप्त करने के लिए www.agriculture.up.gov.in लिंक पर करना होगा आवेदन
  • कृषि ड्रोन व कस्टम हायरिंग सेंटर (इन-सीटू) की बुकिंग-आवेदन http://agridarshan.up.gov.in पर होगी

लखनऊ: डबल इंजन सरकार अन्नदाता किसानों के उत्थान के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन व सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में किसानों के हित में अनेक कार्य व योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी क्रम में कृषि विभाग द्वारा संचालित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना व फसल अवशेष प्रबंधन योजनान्तर्गत कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त करने का अवसर दिया जा रहा है। योगी सरकार कृषि यंत्रीकरण की समस्त योजनाओं के अंतर्गत कृषि यंत्र- कृषि रक्षा उपकरण, कृषि ड्रोन, फसल अवशेष प्रबंधन के कृषि यंत्र, कस्टम हायरिंग सेंटर, हाईटेक हब फॉर कस्टम हायरिंग, फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना आदि पर अनुदान प्राप्त करने का अवसर किसानों को उपलब्ध करा रही है। इसके आवेदन के लिए किसान 20 दिसंबर तक आवेदन कर सकेंगे।

www.agriculture.up.gov.in पर करना होगा आवेदन

कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त करने के लिए आवेदन के लिए वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर जाकर ‘यंत्र पर अनुदान हेतु बुकिंग करें’ लिंक पर क्लिक करना होगा। कृषि ड्रोन (सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन) एवं कस्टम हायरिंग सेंटर (इन-सीटू) की बुकिंग-आवेदन कृषि विभाग के नवविकसित दर्शन पोर्टल की वेबसाइट http://agridarshan.up.gov.in पर यंत्र बुकिंग प्रारंभ लिंक पर क्लिक कर ऑनलाइन विकास खंडवार की जाएगी। नए पोर्टल पर बुकिंग के लिए किसानों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा।

सरकार ने की है अनुदान की व्यवस्था

10 हजार से अधिक अनुदान वाले कृषि यंत्रों के आवेदन के लिए एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम किसी दो यंत्रों के लिए ही अनुदान मान्य होगा। कृषि यंत्रों पर मूल्य का अधिकतम 50 प्रतिशत, कस्टम हायरिंग सेंटर परियोजना लागत 10 लाख, हाईटेक हब फॉर कस्टम हायरिंग परियोजना लागत 100 लाख पर 40 लाख अनुदान की व्यवस्था है। फॉर्म मशीनरी बैंक परियोजना के तहत 10 लाख लागत व कस्टम हायरिंग सेंटर (इन-सीटू योजना) परियोजना (लागत 30 लाख) पर अधिकतम 80 प्रतिशत अनुदान की व्यवस्था है। कृषि ड्रोन व सहायक उपकरण के लिए कृषि स्नातक (एग्री जंक्शन) व ग्रामीण उद्यमी को कृषि ड्रोन व उनके सहायक उपकरण की खरीद पर यंत्रों के मूल्य का 50 फीसदी व अधिकतम पांच लाख (जो भी कम हो), देय होगा। एफपीओ को कृषि ड्रोन व उनके सहायक उपकरण के क्रय करने पर यंत्रों के मूल्य का 40 फीसदी या अधिकतम चार लाख (जो भी कम हो), देय होगा।

2500 रुपये देनी होगी बुकिंग धनराशि

10 हजार से एक लाख तक अनुदान के कृषि यंत्रों के लिए बुकिंग के लिए धनराशि 2500 रुपये होगी, जबकि एक लाख से अधिक अनुदान के कृषि यंत्रों के लिए यह राशि पांच हजार रुपये होगी। किसानों को आवेदन के समय ही यंत्रवार निर्धारित बुकिंग धनराशि ऑनलाइन जमा करनी होगी। लक्ष्य अवशेष न रहने व ई-लॉटरी में चयनित न होने वाले किसानों को बुकिंग धनराशि वापस कर दी जाएगी।

20 दिसंबर तक आवेदन कर सकेंगे किसान

  • इच्छुक लाभार्थी/कृषक 20 दिसंबर तक आवेदन कर सकेंगे। विभागीय पोर्टल पर लक्ष्य से अधिक आवेदन की दशा में डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति के समक्ष विभागीय पोर्टल पर ई-लॉटरी के माध्यम से ब्लॉकवार लक्ष्यों के सापेक्ष लाभार्थी का चयन किया जायेगा।
  • ई-लॉटरी व्यवस्था में लक्ष्य के अनुरूप चयनित किये जाने वाले लाभार्थियों की संख्या के अतिरिक्त लक्ष्य का 50 प्रतिशत तक क्रमवार प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जायेगी। लाभार्थियों के चयन/बुकिंग टोकन कन्फर्म होने की तिथि से कृषि यंत्र क्रय कर विभागीय पोर्टल पर क्रय रसीद, यंत्रों की फोटो व सीरियल नंबर तथा संबंधित अभिलेख अपलोड करने के लिए 30 दिन व कस्टम हायरिंग सेंटर, हाईटेक हब फॉर कस्टम हायरिंग व फार्म मशीनरी बैंक के लिए अधिकतम 45 दिन का समय मिलेगा।
  • निर्धारित मानक के यंत्रों को upyantratracking.in पर पंजीकृत यंत्र निर्माताओं द्वारा पोर्टल पर अपलोड इन्वेंट्री में से किसी से भी क्रय कर सकेंगे।
  • ई-लॉटरी हेतु स्थल, तिथि एवं समय की जानकारी आवेदकों को संबंधित जनपदीय उप कृषि निदेशक द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button