
नेपाल में भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। प्राकृतिक आपदा के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार लगातार नेपाल के अधिकारियों के संपर्क में है और रेस्क्यू अभियान पर नजर रख रही है।
विदेश मंत्रालय के 30 अगस्त शाम 5:30 बजे तक के अपडेट के अनुसार, अब तक 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। संकट में फंसे भारतीयों की पहचान और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम जारी है।
नेपाल में आपदा की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 781 तक पहुंच गया है। कई इलाकों में बाढ़ के कारण संपर्क व्यवस्था और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजने के साथ मेडिकल और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें भी रवाना की हैं। अब तक भारत की ओर से करीब 68.5 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई जा चुकी है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए भारतीय विशेषज्ञ भी सहयोग कर रहे हैं। त्रिशूली हाइड्रोपावर की सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए भारतीय सेना की तकनीकी टीम भी अभियान में मदद कर रही है।
विदेश मंत्रालय ने पहले ही भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम की व्यवस्था की थी। नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों को किसी भी आपात स्थिति में भारतीय दूतावास और मंत्रालय से संपर्क करने की सुविधा दी गई है।
नेपाल में राहत अभियान के बीच भारत की प्राथमिकता प्रभावित भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालना और पड़ोसी देश को मानवीय सहायता उपलब्ध कराना है। हालात पर भारत सरकार लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सहायता पहुंचाने की तैयारी भी जारी है।



