मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एमएसएमई के वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूज़ीन और सरदार पटेल इम्प्लॉइमेंट जोन की बैठक की

मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने दिनांक 16 जनवरी 2026 को अपने सरकारी आवास, 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ पर एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में विशेष रूप से “वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूज़ीन” और “सरदार पटेल इम्प्लॉइमेंट जोन” से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश की आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर जिले में एक विशिष्ट क्यूज़ीन यानी खाने-पीने के क्षेत्र में स्थानीय उत्पाद और व्यवसाय को बढ़ावा दें, जिससे नए उद्यमियों को अवसर मिलें और स्थानीय संसाधनों का पूर्ण उपयोग हो सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन के लिए सरदार पटेल इम्प्लॉइमेंट जोन की रूपरेखा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन जोनों के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग और फॉलो-अप पर विशेष ध्यान दें, ताकि योजना का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूज़ीन योजना का उद्देश्य न केवल व्यवसाय को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, खाद्य विविधता और स्वदेशी उत्पादों को पहचान दिलाना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिले को अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलना चाहिए और यह योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि एमएसएमई क्षेत्र में डिजिटल तकनीक, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि युवा उद्यमी आसानी से अपने व्यवसाय को बढ़ा सकें।
इस बैठक में विभिन्न अधिकारियों, योजना अधिकारियों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और व्यवसाय सृजन के लिए यह कदम ऐतिहासिक है और इसका प्रभाव आने वाले वर्षों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को सक्रिय रूप से योजना को लागू करने और समय-सीमा के भीतर लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की यह बैठक एमएसएमई और रोजगार सृजन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।



