
असम सरकार ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ एक और सख्त कदम उठाते हुए 21 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट कर दिया है। इस कार्रवाई की जानकारी खुद हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया के जरिए दी और संबंधित तस्वीरें भी साझा कीं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्थिति में कानून से समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम की जनसांख्यिकीय संतुलन और आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। प्रशासन ने पहचान और सत्यापन की लंबी प्रक्रिया के बाद इन 21 लोगों को सीमा पार भेजा। बताया जा रहा है कि पुलिस और सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर इन व्यक्तियों को हिरासत में लिया था। इसके बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनके देश वापस भेजा गया। सरकार का कहना है कि अवैध घुसपैठ न केवल संसाधनों पर दबाव बढ़ाती है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक चुनौतियां भी पैदा करती है। मुख्यमंत्री सरमा ने दोहराया कि राज्य में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे और कानून का पालन करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों में तेजी लाई जाएगी। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं, जहां समर्थक इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में जरूरी कदम बता रहे हैं, वहीं विपक्ष सरकार से मानवीय पहलुओं पर भी ध्यान देने की अपील कर रहा है। फिलहाल असम सरकार अपने रुख पर कायम है और स्पष्ट कर चुकी है कि अवैध प्रवास के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा।



