देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार आतंकियों और पांच इंस्टाग्राम अकाउंट्स के जरिये फैल रही जिहाद की साजिश का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने अल-कायदा की मास्टरमाइंड शमा परवीन को गिरफ्तार किया है, जो इस खतरनाक नेटवर्क की रीढ़ थी।
पुलिस को यह जानकारी मिली थी कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से आतंकवादी संगठन अल-कायदा की ओर से युवाओं को जिहाद में शामिल होने के लिए भड़काया जा रहा है। शमा परवीन के नेतृत्व में कई फेक इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए गए थे, जिनसे न केवल रडिकल विचार फैलाए जा रहे थे, बल्कि जिहाद के लिए युवाओं को भर्तियां भी की जा रही थीं।
जांच एजेंसियों ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इस आतंकवादी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। शमा परवीन और उसके साथियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों को ट्रैक कर उनकी योजना को नाकाम किया गया।
पुलिस ने बताया कि शमा परवीन ने अपने ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए कई युवाओं को जिहाद में शामिल करने की कोशिश की। इसके लिए पांच अलग-अलग इंस्टाग्राम अकाउंट का इस्तेमाल किया गया, जिन पर गलत सूचनाएं, आतंकवादी प्रचार और हिंसा भड़काने वाले संदेश पोस्ट किए जाते थे।
अल-कायदा की मास्टरमाइंड शमा परवीन की गिरफ्तारी से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी जीत मिली है। इस गिरफ्तारी से आने वाले दिनों में सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रही आतंकवादी साजिशों पर भी लगाम लगेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिये फैलने वाले आतंकवाद को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और कठोर कार्रवाई जरूरी है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर नजर रखकर देश की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि और भी आतंकवादी नेटवर्क का पता लगाया जा सके। साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों से भी सहयोग मांगा गया है ताकि इस तरह की नकारात्मक गतिविधियों को रोका जा सके।
देश की सुरक्षा के लिए यह एक बड़ी सफलता है और इससे आतंकवाद के खिलाफ जनता में विश्वास भी बढ़ा है। सरकार भी लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कड़ी निगरानी रखने और आतंकवादी सामग्री हटाने के लिए निर्देशित कर रही है।



