5 कालिदास मार्ग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठक, पेट्रोल-डीजल आपूर्ति और प्रशासनिक समन्वय पर चर्चा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने 12 मार्च 2026 को अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव (गृह/परिवहन), प्रमुख सचिव (खाद्य एवं रसद) तथा विभिन्न तेल कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करना तथा इसे और अधिक सुचारु बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ईंधन आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों से कहा कि प्रदेश के किसी भी जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सप्लाई चेन को मजबूत रखने और समय पर ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता, परिवहन क्षेत्र और उद्योगों के लिए ईंधन की निर्बाध आपूर्ति बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से भी ईंधन आपूर्ति केंद्रों और परिवहन व्यवस्था की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस विभाग को सतर्क रहने और आवश्यक स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के लिए कहा, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या अफवाह की स्थिति न पैदा हो। साथ ही परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया कि ईंधन टैंकरों की आवाजाही में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहें।
बैठक में खाद्य एवं रसद विभाग से भी प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संवेदनशीलता और तत्परता के साथ जनता की जरूरतों को प्राथमिकता दें और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान करें।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार जनता की सुविधाओं और सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों से अपेक्षा जताई कि वे समन्वय और पारदर्शिता के साथ काम करते हुए प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखें, जिससे प्रदेश में विकास और सुशासन की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ती रहे।



