
बिहार के सीमांचल क्षेत्र में घुसपैठ और अवैध निर्माण के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बिहार दौरे के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने घोषणा की कि सीमावर्ती इलाकों में 10 किलोमीटर के दायरे में बने अवैध ढांचों की पहचान कर उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी। शाह ने कहा कि सीमांचल का भूगोल और उसकी संवेदनशील स्थिति को देखते हुए यहां किसी भी प्रकार की घुसपैठ देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने राज्य प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों को निर्देश दिए कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि कानून का राज स्थापित करना है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने और निगरानी तंत्र को आधुनिक बनाने की बात भी उन्होंने दोहराई। शाह ने कहा कि जो लोग वर्षों से अवैध तरीके से जमीन पर कब्जा कर निर्माण कर रहे हैं, उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सीमांचल के विकास के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है और सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जाएंगे। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि यह मुद्दा लंबे समय से विवाद और बहस का विषय रहा है। विपक्षी दलों ने जहां सरकार से कार्रवाई की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की, वहीं समर्थकों ने इसे राष्ट्रीय हित में जरूरी कदम बताया। कुल मिलाकर, सीमांचल में 10 किलोमीटर के दायरे में अवैध ढांचे हटाने की घोषणा ने सुरक्षा और प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संदेश दिया है।



