
कोलकाता में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। शाह ने सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि जिस मोमो फैक्ट्री में आग लगी, उसमें आखिर किसका पैसा लगा है और क्या इसके संचालन में नियमों का पालन किया गया था। उनका आरोप है कि राज्य सरकार की लापरवाही और राजनीतिक संरक्षण के कारण अवैध तरीके से चल रही फैक्ट्रियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, जिसका खामियाजा आम लोगों को जान गंवाकर चुकाना पड़ता है।
अमित शाह ने कहा कि कोलकाता जैसे महानगर में यदि रिहायशी इलाकों के बीच ऐसी फैक्ट्रियां चल रही हैं, तो यह प्रशासनिक विफलता का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार उद्योगों और कारखानों की सुरक्षा जांच को गंभीरता से नहीं लेती और नियमों की अनदेखी को नजरअंदाज किया जाता है। शाह ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और भ्रष्टाचार के कारण जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
वहीं, ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि हादसे की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का दावा है कि अग्निकांड के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से किए गए और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दी जा रही है।
इस अग्निकांड ने औद्योगिक सुरक्षा, शहरी नियोजन और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि फैक्ट्रियों की नियमित जांच, फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन और अवैध इकाइयों पर बिना भेदभाव कार्रवाई जरूरी है। कोलकाता अग्निकांड न सिर्फ एक दुखद हादसा है, बल्कि यह चेतावनी भी है कि यदि सुरक्षा और नियमों को नजरअंदाज किया गया तो ऐसे हादसे भविष्य में भी दोहराए जा सकते हैं।



