
बारामती में हुए भीषण विमान हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है। जैसे ही हादसे की खबर सामने आई, अस्पताल के बाहर समर्थकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी। सभी की आंखें नम थीं और चेहरे पर गहरा दुख साफ झलक रहा था। समर्थक अजित पवार की आखिरी झलक पाने के लिए घंटों से अस्पताल के बाहर खड़े रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि हालात नियंत्रण में रहें और किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी रही। अस्पताल परिसर के बाहर समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ती गई, जिससे ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालना चुनौती बन गया। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
इस दुखद घटना पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी निष्पक्ष व विस्तृत जांच कराई जाएगी। शिंदे ने भरोसा दिलाया कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया।
राजनीतिक गलियारों में भी इस हादसे को लेकर शोक की लहर है। विभिन्न दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की और इसे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया। समर्थकों का कहना है कि अजित पवार ने हमेशा जनता के हितों को प्राथमिकता दी और उनके नेतृत्व में कई अहम फैसले लिए गए। यही वजह है कि उनकी एक झलक पाने के लिए लोग भावुक होकर अस्पताल के बाहर उमड़ पड़े।



